September 21, 2020

घना में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री

सांध्य ज्योति संवाददाता

जयपुर, 11 सितंबर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भरतपुर के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में पानी की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि घना पक्षी उद्यान जैव विविधता की दृष्टि से दुनिया का महत्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्र है। पूरी दुनिया से दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी यहां विचरण के लिए आते हैं। ऐसे में इस पार्क के महत्व को बनाए रखने तथा यहां प्रचुर मात्रा में पानी की उपलब्धता के लिए वन, जल संसाधन एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सभी समुचित विकल्पों पर विचार कर प्रभावी कार्य योजना बनाएं। गहलोत गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए घना पक्षी अभयारण्य में पानी पहुंचाने को लेकर समीक्षा कर दिशा-निर्देश दे रहे थे। यह यूनेस्को वल्र्ड हैरिटेज साइट होने के साथ-साथ रामसर साइट भी है।
पर्यटन के साथ-साथ पक्षियों पर रिसर्च के लिए भी इस उद्यान का अपना महत्व है। इस पार्क के संरक्षण एवं संवद्र्धन को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि समय रहते पानी उपलब्ध कराने के लिए गंभीर प्रयास किया जाना बेहद जरूरी है। इसके सभी विकल्प तलाशे जाएं। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान पांचना लिफ्ट इरीगेशन प्रोजेक्ट की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने जल संसाधन विभाग के सचिव नवीन महाजन को निर्देश दिए कि इस परियोजना का काम जल्द पूरा किया जाए, ताकि आगामी रबी सीजन में किसानों को इसका लाभ मिल सके।

550 एमसीएफटी पानी की आवश्यकता
प्रमुख शासन सचिव वन एवं पर्यावरण श्रेया गुहा ने बताया कि इस उद्यान के लिए प्रतिवर्ष 550 एमसीएफटी पानी की आवश्यकता रहती है। उद्यान में पक्षियों तथा पारिस्थितिकी सन्तुलन बनाए रखने के लिए पानी की यह मात्रा प्राप्त होना जरूरी है। वर्तमान में उपलब्ध स्रोतों से बीते 20 सालों में अधिकतर समय पूरा पानी नहीं मिल सका है। जिसका असर यहां की जैव विविधता पर पड़ रहा है। शासन सचिव जल संसाधन नवीन महाजन ने जल की उपलब्धता को लेकर सभी स्रोतों के संबंध में वस्तुस्थिति से अवगत कराया।

20 वर्षों में उद्यान में जल की उपलब्धता
डीएफओ, केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान मोहित गुप्ता ने विगत 20 वर्षों में उद्यान में जल की उपलब्धता, वर्तमान स्थिति तथा संभावित समाधान को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री सुखराम विश्नोई, मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य सहित अन्य अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े।