October 27, 2020

घूसखोरी में तोड़ा रिकॉर्ड

राजस्थान पुलिस पिछले 4 सालों से नंबर 1 पर कायम

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 29 सितम्बर। प्रदेश में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि घूसखोरी में राजस्थान पुलिस पिछले 4 सालों से नंबर वन है। दूसरे नंबर पर राजस्व विभाग, तीसरे नंबर पर पंचायत विभाग में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियो ने रिकॉर्ड बनाया है। एसीबी के डीजी डॉक्टर आलोक त्रिपाठी और एडीजी दिनेश एमएन लगातार भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई करते जा रहे हैं।

पुलिस विभाग अव्वल
एसीबी की रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा हुआ है पुलिस विभाग रिश्वतखोरी के धंधे में सबसे अव्वल है तो राजस्व विभाग का इस पूरे मामले में नंबर दो पर है। स्वच्छ और बेदाग छवि के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लोगों के बीच भ्रष्टाचार मुक्त माहौल पैदा करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं वहीं दूसरी और शांति व्यवस्था स्थापित करने वाली पुलिस मुख्यमंत्री की छवि को बदनाम करने में लगी है। हाल में ही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक रिपोर्ट तैयार की है। इसमें सामने आया है कि राजस्थान पुलिस के हाथ घूस की रकम से लाल-काले हुए हैं। एसीबी डीजी आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में एसीबी की टीम लगातार घूसखोरों पर कार्रवाई करती जा रही है। ् एसीबी डीजी ने सभी चौकी प्रभारियों को फ्री हेंड छोड़ रखा है जिसके चलते एसीबी की टीम ताबड़तोड़ कार्रवाई करती जा है। एसीबी ने बजरी में लिप्त पुलिसकर्मियों पर भी शिकंजा कसा है। अवैध वसूली करने वालों पर भी कार्रवाई की है। कई बड़े अधिकारियो कों गिरफ्तार किया और काला धन इक_ा कर अकूत संपत्ति बनाने वाले अधिकारियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया है।

कौनसा विभाग किस नंबर पर

  • घूसखोरी में राजस्थान पुलिस नंबर वन के रिकॉर्ड पर
  • दूसरे नंबर पर राजस्व विभाग
  • तीसरे नंबर पर पंचायत विभाग में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियो ने रिकॉर्ड बनाया

एसीबी की ट्रैप की कार्रवाई

  • पुलिस विभाग में पिछले 4 सालों में 263 पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेते ट्रैप किया
  • राजस्व विभाग में पिछले 4 सालो में 171 कर्मचारियों-अधिकारियो को ट्रैप किया
  • ऊर्जा विभाग में पिछले 4 सालो में 84 अधिकारी-कर्मचारियों को ट्रैप किया
  • मेडिकल विभाग में पिछले 4 सालो में 52 अधिकारी-कर्मचारियों को ट्रैप किया

पंचायत विभाग में

  • पिछले 4 सालो में 115 अधिकारी-कर्मचारियों को ट्रैप किया