September 23, 2020

चि_ी-चेतावनी के बाद अब एक्शन

गहलोत सरकार ने दिया आदेश

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 15 सितम्बर। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट द्वारा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भेजी गई चि_ी और उसके बाद आरक्षण को लेकर गुर्जर समाज के फिर आंदोलन की चेतावनी के बाद कार्मिक विभाग हरकत में आ गया है। कार्मिक विभाग ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों, अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव को आरक्षण के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का कठोरता से पालन करने का आदेश जारी किया है।
कार्मिक विभाग के मुताबिक कुछ विभाग इस सिलसिले में दिशा-निर्देशों की अवहेलना कर रहे हैं, जो गंभीर विषय है। कार्मिक विभाग ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि एमबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को राज्य की अधीनस्थ सेवाओं में 5 फीसदी आरक्षण दिया जाना चाहिए। इसे सुनिश्चित कराई जाए। ऐसा नहीं करने पर इसकी जिम्मेदारी विभागों के अध्यक्षों की होगी।

2019 से है आरक्षण का प्रावधान
उल्लेखनीय है कि कार्मिक विभाग ने 13 फरवरी 2019 को राज्य के एमबीसी वर्ग को भी राज्य की अधीन सेवाओं में नियुक्ति और पदोन्नाति में 5 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया था लेकिन कुछ विभाग इसका पालन नहीं कर रहे हैं। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने 12 सितंबर को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चि_ी लिखकर एमबीसी वर्ग को 5 फीसदी आरक्षण देने का चुनावी वायदा याद दिलाया था। पायलट द्वारा चि_ी लिखने के दो दिन बाद ही 14 सितंबर को कार्मिक विभाग ने आरक्षण के कठोरता से पालन के लिए निर्देश जारी किया।

कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में किया था वादा
विधानसभा चुनाव 2018 के घोषणा पत्र में कांग्रेस ने गुर्जरों समेत एमबीसी में शामिल अन्य जातियों को 5 फीसदी आरक्षण देने का वादा किया था। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने कैबिनेट सब कमेटी के सामने देवनारायण बोर्ड को संवैधानिक दर्जा देने की मांग की थी. लेकिन सरकार ने अभी तक विधायक दर्जा नहीं दिया है। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती है तो जिला परिषद के चुनाव से पूर्व प्रदेश में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। गुर्जर समाज ने करौली में बैठक कर केंद्र सरकार को एक माह का समय देते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर विचार करते हुए आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराया जाए। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समित के अध्यक्ष कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा कि यदि केंद्र सरकार एक माह में ऐसा नहीं करती है तो गुर्जर समाज की महापंचायत कर दिल्ली कूच होगा। राज्य सरकार ने गुर्जर, रायका, रैबारी, बंजारा और गाडिय़ा लुहार आदि जातियों को पांच फीसदी आरक्षण दिया था।