September 25, 2020

चीन से लंबे समय तक मुकाबले की तैयारी में सेना

नई दिल्ली, 1 सितम्बर (एजेंसी)। भारत और चीन के बीच लद्दाख स्थित वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास एक बार फिर तनाव बढऩे के संकेत हैं। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने सोमवार को एक बार फिर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति बदलने की कोशिश की। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल ने बैठक कर हालात की समीक्षा की। वरिष्ठ सैन्य अफसरों के अलावा आंतरिक और बाहरी खुफिया एजेंसी के अधिकारियों ने भी ताजा हालात की जानकारी दी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बैठक में फैसला लिया गया कि भारत लंबे समय तक चीन से गतिरोध का मुकाबला करने के लिए तैयार है. इसके साथ ही भारत क्षेत्र में सैन्य मौजूदगी बढ़ाएगा और सेना हर वह अधिकार दिए जाएंगे, जिसके जरिए वह चीन को रोक सकें।

भारत इस कोशिश को नाकाम करने में कामयाब रहा
सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, भारत इस कोशिश को नाकाम करने में कामयाब रहा, लेकिन आने वाले दिनों में हम कौन सी रणनीति अपनाने जा रहे हैं, इस पर चर्चा की गई। उनके अनुसार आने वाले दिनों में भारत वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैन्य तैनाती बढ़ाएगा। एक अधिकारी ने कहा, चीन एलएसी पर कहीं और इसी तरह की रणनीति अपना सकता है, इसलिए हमें तैयार रहना होगा। सेना ने पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग त्सो के आसपास स्थित सभी रणनीतिक बिंदुओं पर सैनिकों और हथियारों की तैनाती महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा दी है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना ने ऐसा पैंगोंग सो क्षेत्र में एकतरफा यथास्थिति बदलने के चीन की सेना (पीएलए) के विफल प्रयास के बाद किया। सूत्रों ने कहा कि सेना ने साथ ही पैंगोंग सो के दक्षिणी तट पर एक क्षेत्र पर अतिक्रमण करने के चीन के ताजा प्रयास को विफल करने के बाद पूर्वी लद्दाख में एलएसी से लगे सभी क्षेत्रों में समग्र निगरानी तंत्र को और मजबूत किया है।