November 25, 2020

छह निगम: दो कमल, दो हाथ, दो में निर्दलियों पर आस

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 4 नवम्बर। प्रदेश में पहली बार जयपुर, जोधपुर व कोटा में बने क्रमश: 2-2 नगर निगमों में चुनावी नतीजे सामने आ गए हैं। लगता है कि निगमों को बांटने का कांग्रेस का फार्मूला सफल रहा क्योंकि पहले 2014 के निगम चुनाव में जयपुर, जोधपुर और कोटा तीनों जगह भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला था लेकिन अब 6 में से 2 (जयपुर ग्रेटर, जोधपुर दक्षिण) में भाजपा और 2 (कोटा उत्तर, जोधपुर उत्तर) में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला। एक (कोटा दक्षिण) में टाई रहा और एक (जयपुर हेरिटेज) में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी। उसे बोर्ड बनाने के लिए केवल चार पार्षद चाहिए और साफ दिख रहा है कि कांग्रेस चार पार्र्षदों को मैनेज भी कर लेगी। कोटा दक्षिण में कांग्रेस-बीजेपी को 36-36 सीटें मिली हैं और 8 अन्य के पास हैं। यानी जयपुर हेरिटेज और कोटा दक्षिण में निर्दलीय किंगमेकर बनकर उभरे हैं।

जोधपुर – उत्तर में कांग्रेस, दक्षिण में बीजेपी
गहलोत-शेखावत की प्रतिष्ठा रही बरकरार
जोधपुर नगर निगम चुनाव में तस्वीर साफ हो गई है। जोधपुर उत्तर में कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है् वहीं दक्षिण नगर निगम में बीजेपी ने जीत का परचम लहराया है। नगर निगम चुनावों में सर्वाधिक चर्चित रहे जोधपुर में सीएम अशोक गहलोत और केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की प्रतिष्ठा दांव पर थी। दोनों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अपनी-अपनी पार्टियों की जीत दर्ज करा दी है। सीएम अशोक गहलोत यहां के सरदारपुरा विधानसभा से विधायक है। इसी क्षेत्र में गहलोत का आवास है जबकि केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह जोधपुर से सांसद हैं। उनका दक्षिण नगर निगम क्षेत्र में घर है। जोधपुर उत्तर नगर निगम के सभी 80 वार्डों का चुनाव परिणाम घोषित हो चुका है। यहां 53 सीटों पर कांग्रेस ने बाजी मारी है। वहीं बीजेपी को मात्र 19 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा है। शेष 8 सीटों पर निर्दलीयों ने बीजेपी और कांग्रेस को पछाड़कर जीत दर्ज कराई है। दूसरी तरफ जोधपुर दक्षिण नगर निगम क्षेत्र की 80 सीटों के आए परिणामों में बीजेपी ने 43 सीटों पर कब्जा जमाया है। यहां कांग्रेस 29 वार्डों में जीत दर्ज करा पाई है। यहां भी 8 सीटों पर निर्दलियों को जीत हासिल हुई है।

कोटा : उत्तर कांग्रेस का, दक्षिण अटका
कोटा के दोनों नगर निगमों के चुनाव परिणाम मंगलवार शाम घोषित हो गए। उत्तर नगर निगम के 70 वार्डों में से 47 में कांग्रेस को जीत हासिल हुई है। वहीं भाजपा को 14 और निर्दलीयों को 9 सीटें मिली हैं। यानी उत्तर में कांग्रेस का बोर्ड बनना तय है। वहीं भाजपा के गढ़ दक्षिण नगर निगम में परिणाम चौंकाने वाले रहे। परिणाम आने से पहले यहां भाजपा की बढ़त का अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन रिजल्ट आने के बाद सारे कयास धराशाई हो गए। बागियों ने भाजपा के सारे समीकरण बिगाड़ दिए। दक्षिण में भाजपा और कांग्रेस को 36-36 सीटें मिली हैं। वहीं 8 सीटें निर्दलीयों के खाते में गई हैं। यानी अब दक्षिण के बोर्ड की चाबी निर्दलीयों के हाथ में हैं। 5 निर्दलीय जिसके पाले में जाएंगे उसी पार्टी का बोर्ड बनेगा। अब दोनों पार्टियां निर्दलीयों को साधने में जुट गई हैं।कोचिंग सिटी कोटा के नगर निगम चुनाव में अशोक गहलोत सरकार के वरिष्ठ मंत्री शांति धारीवाल का दबदबा सामने आया है। कोटा में दोनों नगर निगम के चुनाव कांग्रेस के दिग्गज मंत्री शांति धारीवाल के लिये प्रतिष्ठा का प्रश्न थे। स्थानीय निकाय विभाग उनके पास ही है। धारीवाल कोटा उत्तर विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक रह चुके हैं। पहले कोटा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी के ओम बिरला का जबर्दस्त दबादबा था।

जयपुर हैरिटेज में निर्दलीय बने किंगमेकर ग्रेटर नगर निगम गया भाजपा की झोली में
जयपुर के दो नगर निगम के नतीजों ने विधायकों के दो साल की परफोरमेंस को भी उजागर किया है। जयपुर हैरिटेज में जहां मुख्य सचेतक महेश जोशी का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा वहीं ग्रेटर में कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारिया सबसे पीछे रहे। कटारिया अपनी विधानसभा झोटवाड़ा के 14 वार्र्डों में महज 4 पर ही पार्टी को जीत दिला सके। वहीं, महेश जोशी भी हवामहल के 26 में से 10 वार्डों पर ही जीत दिलाने में सफल हो सके।
हैरिटेज के पांच विधानसभा क्षेत्रों में चार पर कांग्रेस का कब्जा होने के बाद भी पार्टी यहां स्पष्ट बहुमत नहीं ला पाई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि टिकट वितरण का काम विधायकों के हाथ में देना पार्टी के लिए कितना सही साबित हुआ? खास बात यह है कि पूरे चुनाव की कमान मुख्य सचेतक महेश जोशी और परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के हाथ में थी मगर जोशी के विधानसभा क्षेत्र में ही पार्टी की परफोरमेंस सबसे कमजोर रही। झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक व सरकार में कृषि मंत्री लालचंद कटारिया को इन चुनावों में बहुत बड़ी हार मिली है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया नगर निगम ग्रेटर के वार्ड 64 में रहते है, जहां से भाजपा प्रत्याशी हार गए। पूनिया आमेर विधानसभा से विधायक है, जहां बीजेपी और कांग्रेस 2-2 सीट जीतकर बराबर रही है। वहीं, अन्य विधानसभा वार स्थिति देखें तो नगर निगम ग्रेटर में सांगानेर, मालवीय नगर, विद्याधर नगर में बीजेपी को बढ़त मिली है, जबकि बगरू में कांग्रेस को बढ़त हासिल हुई है। इसी तरह नगर निगम हैरिटेज की बात करें तो यहां सिविल लाइंस, किशनपोल, आदर्श नगर में कांग्रेस ने बढ़त हासिल की है, जबकि आमेर में दोनों पार्टियां बराबरी पर रही।