September 22, 2020

छिपे हैं कुछ बड़े राजनीतिक संदेश

  • कांग्रेस संगठन के फेरबदल
  • दिनेश तिवारी

नई दिल्ली, 12 सितम्बर। कांग्रेस में चि_ी विवाद के बाद पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बड़े पैमाने पर संगठन में बदलाव किया है। फेरबदल में कांग्रेस वर्किंग कमिटी से लेकर राज्यों के प्रभारी महासचिव और प्रभारी सचिव तक बदले गए। कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के लिए भी नई समिति गठित कर दी गई है। कांग्रेस नेतृत्व के बदलाव की मांग करने वाले नेताओं की कप्तानी करने वाले गुलाम नबी आजाद के पर कतर दिए गए हैं तो गांधी परिवार के पक्ष में खड़े रहने वाले नेताओं को वफादारी के तौर पर प्रमोशन दिया गया है। राहुल गांधी के समर्थक नए नेताओं के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी संगठन और कांग्रेस की कार्यसमिति में जगह दी गई है। ऐसे में कांग्रेस संगठन में हुए फेरबदल में राजनीतिक रूप से कई सियासी संदेश भी छिपे हैं।
राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद पर रहते हुए जो बदलाव संगठन में करना चाहते थे उसे आखिरकार सोनिया गांधी ने अब कर दिया है। राहुल जिन नेताओं को पार्टी महत्वपूर्ण पदों पर देखना चाहते थे उन्हें जिम्मेदारी के साथ पद भी मिल गए हैं। कांग्रेस संगठन के फेरबदल में अब ज्यादातर राज्यों की जिम्मेदारी राहुल के करीबियों के हाथ में सौंपी गई है। तारिक अनवर को राहुल गांधी ही एनसीपी से कांग्रेस में लेकर आए हैं। यही वजह है कि उन्हें कांग्रेस महासचिव के साथ-साथ अपने संसदीय क्षेत्र वाले राज्य केरल की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा राहुल टीम के राजीव शुक्ला को हिमाचल प्रदेश, विवेक बंसल को हरियाणा,मनीष चतरथ जो गांधी परिवार के करीबी हैं, को अरुणाचल,देवेंद्र यादव को उत्तराखंड,राजीव साटव को गुजरात,जितेंद्र सिंह को असम और जितिन प्रसाद को पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी मिली है। राहुल गांधी के भरोसेमंद रणदीप सिंह सुरजेवाला को महासचिव बनाकर कर्नाटक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा पीएल पूनिया, शक्तिसिंह गोहिल,आरपीएन सिंह की जिम्मेदारी पहले की तरह बरकरार रखी गई है।

बागियों को संदेश
सोनिया गांधी को चिठ्ठी लिखने वाले कुछ चेहरों का कद कम किया गया लेकिन कुछ के असंतोष दिखाने के बाद भी भरोसा दिखाया गया। चि_ी लिखने वाले जी-23 के कप्तान गुलाम नबी आजाद की पार्टी महासचिव पद से छुट्टी कर दी गई।

विशेष समिति का गठन
सोनिया गांधी के सहयोग के लिए एक विशेष समिति का गठन होगा। उसी कड़ी में सोनिया ने 6 सदस्यीय विशेष सलाहकार समिति का ऐलान किया। इसमें गांधी परिवार के बेहद करीबी माने जाने वाले लोगों को जगह दी गई है। हालांकि लेटर लिखन वाले नेताओं में शामिल मुकुल वासनिक को इस समिति का सदस्य बनाया गया है। पार्टी के संगठन एवं कामकाज से जुड़े मामलों में सोनिया गांधी का सहयोग करने के लिए जिस 6 सदस्यीय विशेष समिति को बनाया गया है उसमें गांधी परिवार के विश्वासपात्रों में गिने जाने वाले अहमद पटेल, एके एंटनी,अंबिका सोनी,केसी वेणुगोपाल,मुकुल वासनिक और रणदीप सिंह सुरजेवाला शामिल हैं।