September 27, 2020

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नहीं खंगालने पड़ेंगी रिकॉर्ड की पोथियां

1952 से 2014 तक का रिकॉर्ड किया निगम पोर्टल पर चढ़ाया, पहचान पोर्टल पर भी जल्द होगा मर्ज

जयपुर, 8 सितम्बर। सालों पुराने जन्म और मृत्यु के प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नगर निगम जयपुर पड़े पुराने रिकॉर्ड के पोथो को अब टटोलने की जरूरत नहीं है। नगर निगम की जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा ने निगम के पोर्टल पर वर्ष 1952 से 2014 तक का तमाम रिकॉर्ड ऑनलाइन कर दिया है। हालांकि आमजन को इसका लाभ कुछ समय बाद मिलेगा, जब ये सारा रिकॉर्ड राज्य सरकार के बनाए पहचान पोर्टल पर मर्ज होगा। ये कार्य चरणबद्ध वर्ष 2014 से विपरित वर्षो के क्रम में किया जाएगा। पहले चरण में 2011 से 2014 तक का रिकॉर्ड मर्ज किया जाएगा। उसके बाद आगे के फेज में आगे के वर्षों का।

25 लाख से ज्यादा का रिकॉर्ड होगा ऑनलाइन
नगर निगम में नियुक्त जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार प्रदीप पारीक ने बताया कि आजादी के बाद जब स्थानीय निकाय के रूप में नगर निगम जयपुर का गठन हुआ था तब 1952 से लेकर 2014 तक जन्म-मृत्यु का रिकॉर्ड कागजों में दर्ज होता था। इस तरह जन्म-मृत्यु के अब तक कुल 25 लाख से अधिक मामले है, जिनका रिकॉर्ड नगर निगम में मैन्युअल है। इसमें 19.57 लाख तो जन्म के है, जबकि 5.68 लाख मृत्यु प्रमाण पत्र के। इन सभी को अब पहचान पोर्टल पर ऑनलाइन किया जा रहा है।

यूं मिलेगा लाभ
पारीक ने बताया कि एक बार जब ये सारा रिकॉर्ड पहचान पोर्टल पर मर्ज हो जाएगा, तो आमजन को नगर निगम में प्रमाण पत्र की कॉपी लेने के लिए आने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। वह घर बैठे ही पहचान पोर्टल से रजिस्ट्रेशन नंबर अथवा रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिए प्रमाण पत्र की कॉपी डाउनलोड कर सकता है।

सन 1971 में हुई थी सबसे कम मृत्यु, जबकि जन्म की संख्या 1955 में
नगर निगम में जन्म-मृत्यु के लिए हुए रजिस्ट्रेशन के रिकॉर्ड पर नजर डाले तो कुछ दिलचस्प आंकड़े देखने को मिलेंगे। वर्ष 1952 निगम ने जन्म-मृत्यु का रजिस्ट्रेशन शुरू किया था। मृत्यु के रजिस्ट्रेशनों पर नजर डाले तो साल 1971 में जयपुर में सबसे कम 255 ही रजिस्ट्रेशन दर्ज हुए, जो औसतन प्रतिमाह 22 रही। जबकि जन्म के मामले में 1955 सबसे कम रहा। इस साल जयपुर में जन्म का रजिस्ट्रेशन 2232 रहा, जिसका औसत प्रतिमाह 186 रहा।

2015 से अब तक पहचान पोर्टल पर रजिस्टर्ड
साल 2015 से अब तक का तमाम रिकॉर्ड हम प्रतिदिन ऑनलाइन कर रहे है। क्योंकि अब जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र पहचान पोर्टल पर ही बन रहे है। इस पोर्टल की सबसे खास बात ये है कि व्यक्ति को अपने किसी परिवार के सदस्य के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए नगर निगम में आने की आवश्यकता नहीं पड़ती। वह घर बैठे ही रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर प्राप्त होने वाले ओटीपी के जरिए प्रमाण पत्र की प्रति प्राप्त कर सकता है।