Sat. Jan 25th, 2020

जयपुर में होगी ‘कमिश्नर की क्लास’ योजना की शुरुआत

जयपुर, 13 जनवरी। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी ने उच्च शिक्षा में नवाचारपरक पहल एवं गुणवत्ता सुधार के लिए ‘न्यू इनिशिएटिव्स इन कॉलेज एजुकेशन’ कार्यक्रम की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी के लिए जयपुर में विशेष अभियान के तहत ‘कमिश्नर की क्लास’ योजना की शुरुआत होगी। इसमें महाविद्यालयी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए आयुक्त स्वयं विद्यार्थियों की कक्षा लेंगे और उनसे संवाद करेंगे। भाटी ने कहा कि राज्य के सभी राजकीय एवं निजी महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं उनमें नैतिक मूल्य सम्बलन हेतु ‘राजस्थान हैल्दियर यूूथ एण्ड मोरल एजुकेशन’ कार्यक्रम, बेटियों के सर्वांगीण विकास, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को केन्द्रित करते हुए महिला शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण करवाने एवं इनके माध्यम से छात्राओं की मैण्टरिंग करवाने की मंशा से ‘गल्र्स एम्पावरमैण्ट एण्ड मैैण्टरिग कार्यक्रम’ चलाए जाएंगे।
भाटी रविवार को शिक्षा संकुल में स्वामी विवेकानंद जयंती पर कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय द्वारा आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्योंं एवं वरिष्ठ संकाय सदस्यों में प्रशासनिक नेतृत्व विकास एवं दक्षता हेतु ‘एडमिनिस्ट्रेटिव एफीसिएन्सी एण्ड प्रोगेसिव लर्निंग अफर्ट’ कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा। प्रदेष में ‘अर्जुन दृष्टि कार्यक्रम’ के अन्तर्गत राज्य स्तरीय अन्तर-सम्भाग क्रिडा एवं खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि राजकीय महाविद्यालयों की ही भांति निजी महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिये भी प्रतियोगिता दक्षता कार्यक्रम आरंभ किया जाएगा। इसमें निशुल्क कोचिंग कक्षाएं आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास है कि महाविद्यालयी पाठ्यक्रमों में नवीनता के साथ ही समयानुकूल परिवर्तन हो। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में पढ रहे विद्यार्थियों के बहुआयामी लाभ एवं विकास हेतु विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ एमओयू कर उन्हें लाभान्वित किया जाएगा। श्री भाटी ने कहा कि आज का समय प्रतिस्पद्र्धा का है। युवाओं को अध्ययन के साथ साथ प्रतियोगी परीक्षाओ के लिए मार्गदर्शन की भी विशेष रूप से आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसीलिए प्रदेश मे गुणात्मक शिक्षा, के साथ ही कैरियर मार्गदर्शन पर भी हमारा विशेष ध्यान है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद युगपुरूष रहे हैं और उनका संपूर्ण जीवन ही प्रेरणा का स्त्रोत है। उन्होने उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान करते प्रदेश मे उच्च शिक्षा के अंतर्गत किए गए विभिन्न कार्यों की चर्चा की तथा कहा कि राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के लिये फ्री कोचिंग सुविधा के लिये आरंभ प्रतियोगिता दक्षता कार्यक्रम के बेहद सकारात्मक परिणाम आए है। इसके तहत राज्य में 150 से अधिक राजकीय महाविद्यालयों में लगभग 60 हजार विद्यार्थियों को नि:शुल्क कोचिंग का लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि श्रीगंगानगर राजकीय महाविद्यालय में हजारों युवाओं को फ्री कोचिंग करवाई जा चुकी है तथा इस व्यवस्था में युवाओं का विश्वास जागृत हुआ है।