September 21, 2020

जय हिंद की सेना

  • वायुसेना में आज हुआ राफेल विमानों का गृह प्रवेश
  • बढ़ गई भारतीय सेना की ताकत

नई दिल्ली, 10 सितम्बर (एजेंसी)। पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर बढ़ते तनाव के बीच पांच राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप को गुरुवार को अंबाला एयरबेस पर औपचारिक रूप से वायुसेना में शामिल किया गया। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, फ्रांस के उनके समकक्ष फ्लोरेंस पार्ली, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, वायुसेना प्रमुख आर.के.एस.भदौरिया और रक्षा सचिव अजय कुमार शिरकत करेंगे। वायुसेना के एक प्रवक्ता ने राफेल विमान को सेना के इतिहास का बेहद महत्वपूर्ण मील का पत्थर करार देते हुए कहा, आज कार्यक्रम के दौरान राफेल विमान का औपचारिक अनावरण किया गया। पारंपरिक सर्वधर्म पूजा की गई और बाद में राफेल और तेजस विमानों ने हवाई करतब दिखाए। वायुसेना के प्रवक्ता विंग कमांडर इंद्रनील नंदी ने कहा कि राफेल विमानों को बल के 17वें स्क्वॉड्रन में शामिल करने से पहले उन्हें पानी की बौछारों से पारंपरिक सलामी दी गई।

राफेल की खास बातें

  • राफेल का निर्माण फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन ने किया है।
  • 29 जुलाई को पहली खेप के तहत पांच राफेल विमान भारत लाए गए थे। भारत ने फ्रांस से 59,000 करोड़ रुपये में 36 राफेल विमान खरीदने का सौदा किया।
  • अब तक भारत को 10 राफेल विमानों की आपूर्ति की जा चुकी है जिनमें से पांच अभी फ्रांस में ही हैं जिन पर भारतीय वायुसेना के पायलट प्रशिक्षण ले रहे हैं।
  • सभी 36 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति 2021 के अंत तक पूरी हो जाने की उम्मीद है। चार राफेल लड़ाकू विमानों के एक अन्य जत्थे के नवंबर तक भारत पहुंच जाने की उम्मीद है।
  • रूस से सुखोई विमानों की खरीद के बाद अपनी सटीक मारक क्षमता और वायु श्रेष्ठता के लिये चर्चित राफेल विमानों की करीब 23 साल बाद खरीद हुई है।
  • राफेल विमान अत्याधुनिक हथियारों और उन्नत प्रणाली से लैस है।