August 14, 2020

जियो प्लेटफॉर्म्स में इंटेल ने किया निवेश

नई दिल्ली, (एजेंसी)। रिलायंस इंडस्ट्रीज के ऋणमुक्त होने के बाद भी मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश का सिलसिला जारी है। 12 निवेशों के जरिए जियो प्लेटफॉर्म्स में 25.09 फीसदी इक्विटी के लिए 1,17,588.45 लाख करोड़ का निवेश हो चुका है। शुक्रवार को अमेरीकी इंटेल कैपिटल ने 0.39 फीसदी इक्विटी के लिए जियो प्लेटफॉर्म्स में 1,894.5 करोड़ रु के निवेश की घोषणा की। दुनिया भर में बेहतरीन कम्प्यूटर चिप बनाने के लिए इंटेल को जाना जाता है। जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश 22 अप्रैल को फेसबुक से शुरू हुआ था, उसके बाद सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी, जनरल अटलांटिक, केकेआर, मुबाडला और सिल्वर लेक ने अतिरिक्त निवेश किया था। बाद में अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, एल कैटरटन और पीआईएफ ने भी निवेश की घोषणा की थी।
जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड की ‘फुली ओन्ड सब्सिडियरी’ है। ये एक ‘नेक्स्ट जनरेशन’ टेक्नॉलोजी कंपनी है जो भारत को एक डिजिटल सोसायटी बनाने के काम में मदद कर रही है। इसके लिए जियो के प्रमुख डिजिटल एप, डिजिटल ईकोसिस्टम और भारत के नंबर प्त1 हाइ-स्पीड कनेक्टिविटी प्लेटफ़ॉर्म को एक-साथ लाने का काम कर रही है। रिलायंस जियो इंफ़ोकॉम लिमिटेड, जिसके 38 करोड़ 80 लाख ग्राहक हैं, वो जियो प्लेटफ़ॉर्म्स लिमिटेड की ‘होल्ली ओन्ड सब्सिडियरी’ बनी रहेगी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा, दुनिया के प्रौद्योगिकी लीडर्स के साथ हमारे संबंध और अधिक गहरा होने पर हम बेहद खुश हैं। भारत को दुनिया में एक अग्रणी डिजिटल सोसाइटी में बदलने के हमारे दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने में ये हमारे सहायक हैं। वैश्विक स्तर पर इंटेल कैपिटल के पास अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों में एक मूल्यवान भागीदार होने का उत्कृष्ट रिकॉर्ड है। इसलिए हम अत्याधुनिक तकनीकों में भारत की क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए इंटेल के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्साहित हैं जो हमारी अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों को सशक्त बनाएगा और 130 करोड़ भारतीयों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करेगा।