September 20, 2020

जेडीए में आमजन के काम में लेटलतीफी करने वाले कार्मिकों की अब खैर नहीं

उप विभाजन, 90ए सहित तमाम ऑनलाइन आवेदनों का समय पर करना होगा निस्तारण

जयपुर, 16 सितम्बर। जयपुर जेडीए में आवासों के पट्टे लेने, नाम हस्तांतरण करवाने, पुनर्गठन/उपविभाजन सहित कार्य के लिए आमजन को बार-बार चक्कर कटवाने वाले कार्मिकों व अधिकारियों की अब खैर नहीं। जेडीए आयुक्त गौरव गोयल ने ऑनलाइन के तमाम कार्यो को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए है। अगर निर्धारित समयावधि के बाद भी कोई काम नहीं होता तो संबंधित अधिकारी या कार्मिक को जिम्मेदार मानते हुए उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। जेडीए कल आयुक्त की अध्यक्षता में हुई लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठक के दौरान आयुक्त ये निर्देश दिए।
बैठक में आयुक्त ने बताया कि देखने में आ रहा है कि नागरिक सेवा केंद्र में दर्ज होने वाले ऑनलाइन प्रकरणों में लीजडीड, नाम हस्तांतरण, उप-विभाजन, पुनर्गठन, 90ए और 90बी आदि के प्रकरणों का निस्तारण समय सीमा में नहीं हो रहा। इतना ही नहीं डीटीएस, लोकायुक्त, मानवाधिकार, विधानसभा, न्यायालय के प्रकरणों की संख्या में बहुत बढ़ रही है, लेकिन उनका भी समय पर निस्तारण नहीं हो रहा। जेडीसी ने लंबित प्रकरणों की संख्या को देखते हुए नाराजगी जताई और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में कोई भी प्रकरण समयावधि में पूरा नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

अवैध निर्माण व अतिक्रमणों की शिकायतों पर होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग
जेडीसी ने बताया कि जयपुर शहर में हो रहे अवैध निर्माण-अतिक्रमणों की प्राप्त शिकायतों और उनकी रोकथाम के लिए जोन व प्रवर्तन शाखा में सामंजस्य के लिए प्रक्रियाओं के स्तर तय किए जाएं। साथ ही उन्होने एक ऑनलाइन सिस्टम विकसित करने के लिए कहा, ताकि ऐसी शिकायतों पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग रखी जा सके। इसके लिए जेडीए सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया। इसमें मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन, जोन उपायुक्त 9 अबू सुफियान चौहान और उपायुक्ता जोन 8 अशोक कुमार योगी के अलावा आयोजना शाखा से एक अधिकारी को शामिल किया है।