September 23, 2020

टाइगर अभी जिंदा है…

कांग्रेस नेताओं पर गरजे ज्योतिरादित्य

भोपाल, 3 जुलाई (एजेंसी)। मध्य प्रदेश में सरकार बनने के 100 दिन बाद शिवराज सिंह चौहान ने गुरूवार को अपनी कैबिनेट का विस्तार किया। मंत्रिमंडल में ज्योतिरादित्य सिंधिया की छाप जमकर दिखी और शिवराज के करीबी कई पुराने मंत्रियों के पत्ते कट गए। मंत्रियों के शपथ के बाद सिंधिया ने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को नाम लेकर ललकारा कि टाइगर अभी जिन्दा है। बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा,न मुझे कमलनाथ से प्रमाणपत्र चाहिए और न दिग्विजय सिंह से। प्रदेश के सामने तथ्य है कि 15 महीनों में इन्होंने किस तरह प्रदेश का भंडार लूटा है और खुद ले लिया। वादा खिलाफी का इतिहास देखा है। मैं दोनों से यही कहना चाहता हूं कि टाइगर अभी जिन्दा है। शपथ ग्रहण समारोह के बाद सिंधिया समर्थक विधायकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मंत्री पद की शपथ लेने वाली विधायक इमरती देवी ने तो पूर्व सीएम कमलनाथ को छिंदवाड़ा तक जाने की सलाह दे डाली। इमरती देवी ने कहा,कमलनाथ को छिंदवाड़ा जाना है तो चले जाएं। रास्ता साफ है।

कमलनाथ सरकार में थे सिर्फ 6 मंत्री
शिवराज मंत्रिमंडल में अपने करीबी एक दर्जन पूर्व विधायकों को शामिल कराने के बाद सिंधिया, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस के दिग्गज नेता और भूतपूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को चुनौती देते नजर आए। कमलनाथ सरकार में सिंधिया के समर्थक सिर्फ 6 विधायक मंत्री बने थे लेकिन इस बार शिवराज मंत्रिमंडल में ज्योदिरादित्य सिंधिया का दबदबा कायम रहा। पहले शिवराज ने पांच मंत्री बनाए थे। उसमें भी दो सिंधिया की पसंद थे। अब उसमें एक दर्जन और जुड़ गए।

शिवराज के करीबी सफाई देते दिखे
सिंधिया समर्थक विधायकों के बड़ी संख्या में मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर शिवराज समर्थक कई नेता सफाई देते नजर आए। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि अब सब बीजेपी है। जितने मंत्री बन, सब बीजेपी के कार्यकर्ता हैं। इसे और कोई रंग मत दीजिए। सिंधिया भी भाजपा के हैं। वहीं, एक अन्य मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा,थोड़ा समय लगा लेकिन जो मंथन हुआ उससे अमृत निकला। बहुत संतुलित मंत्रिमंडल बना है। हम सब मिलकर फिर एमपी को विकास की तरफ ले जाएंगे। बीजेपी का फैसला है , सिंधिया हमारी पार्टी के नेता हैं, इसलिये उनका भी सम्मान है। मंत्रिमंडल विस्तार में शिवराज के करीबी पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, रामपाल सिंह,गौरीशंकर बिसेन और संजय पाठक का पत्ता कट गया लेकिन इनको संगठन ने समझा दिया है कि एमपी में कमलनाथ सरकार के गिरने और शिवराज सरकार के बनने की वजह ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं इसलिए उनको तरजीह देना जरूरी है।