October 27, 2020

टिकट पर घमासान, बागियों के डर से रात के अंधेरे में बांट रहे टिकट

पटना, 12 अक्टूबर (एजेंसी)। बिहार विधान सभा चुनाव में टिकटों के वितरण पर घमासान मचा हुआ है। हर दल में टिकट बंटवारे पर बागी प्रत्याशी जमकर विरोध कर रहे हैं। टिकट की आस लगाए लोगों की उम्मीद टूट रही है तो वे दूसरे दलों का दामन थामने में भी देरी नहीं कर रहे। पहले वाली पार्टी की बखिया उधेड़ रहे सो अलग। दरकिनार प्रत्याशी चुनावी समीकरण बिगाडऩे में पूरा दम लगा दे रहे हैं। बागियों के डर से इस बार विधानसभा चुनाव में गुपचुप सिंबल देने की परंपरा शुरू हो गई है। प्रत्याशियों के नाम की घोषणा के पहले ही राजनीतिक दल उन्हें सिंबल थमा दे रहे हैं। बिहार कांग्रेस मुख्यालय में एक दिन नेताओं के खिलाफ नारेबाजी हो रही थी। लोग टिकारी से उम्मीदवार बनाए गए अशोक गगन का विरोध कर रहे थे। विरोध का स्वर इतना तीव्र था कि कांग्रेस को उम्मीदवार बदलना पड़ा। सुमंत कुमार उम्मीदवार बनाए गए। सत्तारूढ़ जदयू के एक उम्मीदवार के साथ और बुरा हुआ। मुजफ्फरपुर जिला के मीनापुर विधानसभा क्षेत्र से जदयू ने मनोज कुशवाहा को टिकट दे दिया। टिकट लेकर क्षेत्र में गए। इतना विरोध हुआ कि उन्होंने चुनाव लडऩे से ही मना कर दिया। जदयू ने उम्मीदवार बदल दिया।

विरोध का डर
राजद में विरोध की शुरुआत जहानाबाद और नालंदा जिले की एक-एक सीट पर उम्मीदवार बदलने की मांग को लेकर हुई थी। दोनों सिटिंग विधायकों को टिकट देकर राजद ने विरोध को नजर अंदाज किया। उम्मीदवार की घोषणा के साथ ही विरोध के स्वर शिवहर से भी उभरे। राजद जिलाध्यक्ष व कई पदाधिकारियों ने दल की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। यह विरोध का ही डर है कि कई पार्टियां रात के अंधेरे में ही उम्मीदवारों को सिंबल देना पसंद करती हैं। विरोध फिर भी हो ही जाता है। कांग्रेस और जदयू की तरह अन्य दलों में भी उम्मीदवारों का विरोध हो रहा है। कहीं विरोध का सम्मान हो रहा है तो कहीं अनदेखी। टिकट प्रक्रिया शुरू हुई। संभावित उम्मीदवारों के नाम बाहर आने लगे। साथ ही विरोध भी शुरू हो गया। भाजपा प्रदेश कार्यालय में भी बड़ी संख्या में लोग आए।