October 23, 2020

टॉप टू बॉटम केवल एक ही कप्तान

सवा दो महीने से बिना टीम के घूम रहे हैं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 25 सितम्बर। राजस्थान कांग्रेस में पिछले सवा दो माह से केवल प्रदेशाध्यक्ष ही एकमात्र पदाधिकारी हैं। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को छोड़ राजस्थान कांग्रेस में एक भी पदाधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है। पिछले सवा दो महीने से अकेले प्रदेशाध्यक्ष के भरोसे पार्टी संगठन चल रहा है। फिलहाल संगठनात्मक नियुक्तियों में और समय लगना तय माना जा रहा है। इसके पीछे कई कारण गिनाये जा रहे हैं। पिछले दिनों सत्ता और संगठन में मचे सियासी घमासान में सचिन पायलट को प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाने के बाद प्रदेश, जिला और ब्लॉक की सभी कार्यकारिणी भंग कर दी गई थी। 15 जुलाई से लेकर अब तक संगठन में एक भी नियुक्ति नहीं की गई है। एक मोटे अनुमान के मुताबिक करीब 15000 से ज्यादा नेता-कार्यकर्ता संगठन में नियुक्ति के इंतजार में हैं। 400 ब्लॉक, 39 जिला कार्यकारिणी और प्रदेश कार्यकारिणी का गठन होना बाकी है। हर ब्लॉक कार्यकारिणी में 31 से लेकर 50 नेताओं को और जिला कार्यकारिणी में भी 31 से 100 नेताओं तक को जगह दी जानी है।

कृषि विधेयकों के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ चुकी है पार्टी
हाल के वर्षों में यह पहला मौका है, जब इतने लंबे अरसे तक केवल प्रदेशाध्यक्ष को छोड़ पार्टी में एक भी पदाधिकारी नहीं है वह भी ऐसे समय में जब पार्टी केंद्र के खिलाफ कृषि विधेयकों के विरोध स्वरूप बड़ा आंदोलन छेड़ चुकी है। इसमें भी पार्टी बिना पदाधिकारियों के ही मैदान में है। पंचायत चुनाव में भी पार्टी बिना पदाधिकारियों के ही क्षेत्र में घूम रही है।

पुरानी टीम से ही चलाया जा रहा है काम
इससे पहले जब-जब भी नए प्रदेशाध्यक्ष बने तब तब कुछ पदाधिकारी जरूर रहे है। टॉप टू बॉटम पूरी कार्यकारिणी कभी भंग नहीं हुई। लेकिन इस बार कांग्रेस के राजनीतिक हालात कुछ अलग थे इसलिए नया रिकॉर्ड बन रहा है। फिलहाल जल्द कार्यकारिणी के गठन के आसार भी कम ही नजर आ रहे हैं। लिहाजा कांग्रेस का केंद्र के खिलाफ आंदोलन भी बिना कार्यकारिणी के ही होगा। केंद्र के खिलाफ आंदोलन से लेकर कोई भी कार्यक्रम करना हो तो फिलहाल पुराने पदाधिकारियों को जिम्मेदारी देकर ही काम चलाया जा रहा है।