September 24, 2020

डेब्यू को याद कर बोले कुलदीप, रात को 3 बजे विराट भाई को जगाना चाहता था

नई दिल्ली, (एजेंसी)। भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव ने टेस्ट क्रिकेट में शानदार डेब्यू किया था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिय के खिलाफ टेस्ट सीरीज के चौथे मुकाबले से अपने टेस्ट कॅरिअर की शुरुआत की। 2017 में धर्मशाला में हुए इस मैच में भारत ने जीत हासिल की थी। इस मैच में अपने ऑलराउंड खेल के लिए रविंद्र जडेजा को मैन ऑफ द मैच चुना गया था वहीं कुलदीप ने भी पहली पारी में चार विकेट लेकर टीम की जीत में अहम किरदार निभाया था। कुलदीप इस समय आईपीएल के लिए यूएई में हैं। कुलदीप ने कोलकाता नाइट राइडर्स की वेबसाइट पर अपने उस पहले टेस्ट मैच के बारे में बात की। उन्होंने कहा, यह सम्मान की बात है। मैं पहले तीन मैचों में नहीं खेला था लेकिन अनिल (कुंबले) सर के साथ तैयारी कर रहा था। वह तब हमारी टीम के कोच थे। उन्होंने मेरा बहुत साथ दिया। वह बिलकुल अच्छी तरह स्पिनर्स के माइंडसेट को समझते हैं। मुझे याद है कि मेरे डेब्यू से एक दिन पहले हम साथ लंच कर रहे थे।

मुझे तुमसे पांच विकेट चाहिए
उन्होंने मुझे बताया, तुम कल खेल रहे हो और मुझे तुमसे पांच विकेट चाहिए। मैं थोड़ा असहज था लेकिन मैं आत्मविश्वास के साथ कहा कि मैं पक्का लूंगा। मैं रात को 9 बजे सो गया और सुबह 3 बजे मेरी आंख खुल गई। मैं कन्फ्यूज और नर्वस था। मैं विराट भाई को उठाना चाहता था जो साथ वाले कमरे में थे। लेकिन मुझे पक्का पता था कि अगर ऐसा करूंगा तो वह मुझ पर गुस्सा होंगे। तो मैं दोबारा सोने चला गया और 6 बजे सोकर उठा।

चाइनामैन बोलर
6 टेस्ट मैचों में 24 विकेट लेने वाले इस चाइनामैन बोलर ने कहा, मैंने किसी तरह एक घंटा बिताया, नाश्ता किया और ग्राउंड पर पहुंच गया। मैं थोड़ा नर्वस था लेकिन जब टीम के साथी आ गए तो थोड़ा सहज हुआ। जब मुझे इंडिया कैप मिली तो मुझे कुछ नहीं सूझ रहा था। सभी युवा क्रिकेटरों का सपना होता है अपने देश के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना और मेरा सपना पूरा हो रहा था। मैं काफी भावुक था। मुझे याद है कि मैं स्क्वेअर लेग पर फील्डिंग कर रहा था और मैं तब भी नर्वस था, लेकिन तब मैंने किसी अन्य रणजी मैच की तरह ही सामान्य व्यवहार करने का फैसला किया।