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ताजमहल पर लटका ताला, छीन रहा सैकड़ों के मुंह से निवाला

आगरा, 29 जून (एजेंसी)। दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल के शहर में कोरोना वायरस के संक्रमण ने पर्यटन उद्योग की कमर तोड़ दी है। 17 मार्च से बंद पड़े स्मारकों के ताले अभी खुलते हुए नजर नहीं आ रहे हैं। यह बंदी अगर अधिक लंबी होती है तो पर्यटन उद्योग के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी, जिससे उबरना आसान नहीं होगा। वैसे भी स्मारकों की बंदी का असर नजर आने लगा है। स्मारकों की बंदी से पर्यटन उद्योग लंबे समय तक उबर नहीं सकेगा। 101 दिन की बंदी में पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के खर्चे बरकरार हैं और आमदनी शून्य है। सरकारी करों का भार कम नहीं हुआ है। इससे उनकी बचत खत्म हो रही है। प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचने की संभावना है। अधिकांश होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट, एंपोरियम बंद हैं। बिना मेंटीनेंस के उन्हें नुकसान हो सकता है। पर्यटकों का विश्वास जीतने और उन्हें भरोसा दिलाने का संकट सबसे बड़ा है। उपचार के अभाव में मरीजों के दम तोडऩे, श्रमिकों को घर जाने में हुई परेशानियों की खबरों ने दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। स्मारकों को खोलने, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत, वीजा पर अनिश्चितता की स्थिति है। पता नहीं है कि स्मारक कब से दोबारा खुलेंगे। इस स्थिति में न पर्यटक टूर प्लान कर सकते हैं और न ही उद्यमी कुछ कर सकते हैं।