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तीन तलाक विधेयक को नए सिरे से मंजूरी के आसार

मोदी कैबिनेट की पहली बैठक आज

नई दिल्ली, 12 जून (एजेंसी)। केंद्रीय कैबिनेट आज तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक नए विधेयक को मंजूरी दे सकती है। कैबिनेट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक बुधवार को होने वाली बैठक में यह विधेयक चर्चा के लिए रखा जाएगा। एक बार संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह प्रस्तावित विधेयक इस साल की शुरुआत में लागू किए गए तीन तलाक अध्यादेश का स्थान लेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान तीन तलाक विधेयक पेश किया था, लेकिन लोकसभा में मंजूरी मिलने के बावजूद यह विधेयक राज्य सभा में लंबित रह गया था। इस कारण पिछले महीने 16वीं लोकसभा का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही यह बिल भी खत्म हो गया था। यदि आज केंद्रीय कैबिनेट नए सिरे से पेश तीन तलाक विधेयक को मंजूरी दे देती है, तो इसे सबसे पहले 17 जून से शुरू हो रहे 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में पेश किया जाएगा। पिछली बार राज्य सभा में सरकार के पास पर्याप्त बहुमत नहीं होने के कारण विपक्ष इस विधेयक को रोकने में सफल हो गई थी। ऐसे में इस बार इस विधेयक पर राज्य सभा के रुख पर सभी की निगाहें होंगी।

यह है तीन तलाक विधेयक
तीन तलाक कानून के नाम से पहचाने जाने वाले मुस्लिम महिला (वैवाहिक अधिकारों का संरक्षण) विधेयक किसी भी पति को अपनी पत्नी को एक साथ तीन बार तलाक कहकर निकाह तोडऩे से प्रतिबंधित करता है। ऐसा करने वाले को इस विधेयक में अपराधी की श्रेणी में रखे जाने की बात कही गई है। तीन तलाक विधेयक में पति को गिरफ्तार किए जाने के मुद्दे पर ही विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई थी।
बताया जा रहा है कि बैठक में प्रधानमंत्री मोदी अपनी सरकार के रोडमैप के बारे में बता सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मंत्रालयों को चलाने में राज्य मंत्रियों की भूमिका रेखांकित कर सकते हैं और कैबिनेट मंत्रियों से अपने सहायकों को पर्याप्त जिम्मेदारियां देने के लिए कह सकते हैं।
बैठक के बाद केंद्रीय कैबिनेट की बैठक होगी। सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में पांच जुलाई को संसद में पेश किए जाने वाले केंद्रीय बजट की तैयारियों पर चर्चा संभावित है। केंद्रीय बजट प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई वाली नई एनडीए सरकार के इरादे का पहला बयान होगा। इसमें सरकार की अगले पांच वर्षो की सोच का व्यापक खाका खींचे जाने की संभावना है। सरकार के एजेंडे पर 10 अध्यादेशों की जगह लेनेवाले कानूनों सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक भी हैं, जो अगले सप्ताह शुरू होने वाले संसद सत्र के दौरान पेश किए जाने हैं। सचिवों के साथ हुई बैठक में मोदी ने उनसे कहा था कि योजना व रोडमैप बनाना और भारत को पांच महाशंख डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए फैसले लेना उनकी शीर्ष प्राथमिकता है।