November 24, 2020

दादा ने भाजपा को कहा, मुझे अभी राजनीति नहीं करनी

  • बंगाल के चुनावी रण में नहीं उतरेंगे सौरव गांगुली

कोलकाता, 4 नवम्बर (एजेंसी) । पश्चिम बंगाल में 2021 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस बार के चुनाव में सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को भारतीय जनता पार्टी से कड़ी टक्कर मिल सकती है। लंबे समय से इस बात की चर्चा है कि बंगाल में भारतीय जनता पार्टी पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को अपना सीएम कैंडिडेट बना सकती है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट की मानें तो सौरव गांगुली फिलहाल चुनाव लडऩे के मूड में नहीं है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दादा ने बीजेपी नेतृत्व को बता दिया है कि वह ना तो राजनीति में उतरना चाहते हैं और ना ही विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। हालांकि खुद गांगुली की ओर से अभी कोई बयान नहीं आया है।

मौजूदा रोल से ही खुश
मीडिया सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सौरव गांगुली ने पिछले महीने बीजेपी के सामने यह साफ कर दिया था कि वह एक्टिव पॉलिटिक्स में शामिल नहीं होना चाहते हैं। वह बीसीसीआई चीफ के तौर पर अपने रोल से ही खुश हैं। सूत्रों ने यह भी बताया कि गांगुली की ओर से इनकार किए जाने के बाद पार्टी ने उन पर मन बदलने के लिए कोई दबाव नहीं डाला है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा,भारतीय जनता पार्टी हमेशा चाहती थी कि सौरव गांगुली एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं लेकिन वह कई दूसरी भूमिकाओं में व्यस्त रहे हैं। आज स्थिति अलग है क्योंकि बंगाल में हम बड़ी राजनीतिक ताकत बन चुके हैं। हालांकि सूत्र ने यह भी कहा कि सौरव गांगुली की ओर से कोई भी भूमिका पार्टी की मदद करेगी।

विधानसभा में बहुमत के लिए जोर
2019 लोकसभा चुनाव में अपूर्व प्रदर्शन करके ममता बनर्जी की अगुआई वाली तृणमूल कांग्रेस को झटका देने वाली बीजेपी इस बार विधानसभा में बहुमत के लिए जोर लगा रही है। पार्टी को इसके लिए किसी ऐसे चेहरे की तलाश है जो ममता बनर्जी को टक्कर दे सके इसलिए बीजेपी ने सौरव गांगुली पर दांव लगाने का प्लान बनाया था। लोकसभा चुनाव के समय भी गांगुली के चुनाव लडऩे की अटकलें लगी थीं लेकिन तब गांगुली ने खुद बयान देकर ऐसी अटकलों पर विराम लगा दिया। रिपोट्र्स के मुताबिक सौरभ गांगुली और ममता बनर्जी के बीच अच्छे राजनीतिक संबंध हैं। माना जाता है कि गांगुली को क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल का अध्यक्ष बनाने के पीछे ममता बनर्जी का ही सहयोग रहा था। यही नहीं,गांगुली जब से बीसीसीआई अध्यक्ष बने हैं तब उनके अमित शाह से भी काफी अच्छे संबंध हैं। अक्टूबर 2019 में गांगुली को बीसीसीआई अध्यक्ष बनाने में गृहमंत्री अमित शाह ने अहम भूमिका निभाई थी। तभी से राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं कि 2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सौरभ गांगुली बीजेपी की कमान संभाल सकते हैं।