Mon. Oct 21st, 2019

दिलावर ने अब ली एक समय भोजन की शपथ

अपने निर्वाचन क्षेत्र रामगंजमंडी के प्लास्टिक मुक्त होने तक एक वक्त खाना खाएंगे

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 2 अक्टूबर। राम मंदिर के निर्माण तक दरी बिछाकर जमीन पर सोने और माला नहीं पहनने की राम प्रतिज्ञा लेने वाले राजस्थान भाजपा के वरिष्ठ विधायक मदन दिलावर ने अब अपने निर्वाचन क्षेत्र रामगंजमंडी के प्लास्टिक मुक्त होने तक एक समय भोजन करने की सौगंध खाई है। फरवरी,1990 से अपनी राम प्रतिज्ञा का पालन कर रहे पूर्व मंत्री मदन दिलावर ने मंगलवार को बताया कि एक साल में रामगंजमंडी को पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त करने का संकल्प लिया है। इस दौरान वे एक समय भोजन करेंगे और प्रतिदिन अपने निर्वाचन क्षेत्र 10 से 15 के लोगों से प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने को लेकर व्यक्तिगत रूप से आग्रह करेंगे। जब भी निर्वाचन क्षेत्र के दौरे पर रहेंगे तो लोगों को प्लास्टिक मुक्त गांव और कस्बे की प्रतिज्ञा दिलाएंगे। लोगों को पॉलिथीन का उपयोग नहीं करने को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवी संगठनों के साथ मिलकर जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि वे आगामी विधानसभा सत्र में अपने साथी विधायकों से भी पीएम नरेंद्र मोदी की प्लास्टिक के खिलाफ जंग में साथ देने का आग्रह करेंगे।

प्लास्टिक के ग्लास में पानी पिया तो जुर्माना अदा करने पहुंचे कलेक्टर के पास: हमेशा कांसे और स्टील के ग्लास से पानी-चाय पीने वाले मदन दिलावर तीन दिन पूर्व अपने विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी के दौरे पर गए तो एक दुकान पर प्लास्टिक के डिस्पोजल ग्लास में गलती से पानी पी लिया। कुछ देर बाद उन्हे अपनी गलती का एहसास हुआ तो उन्होंने पहले तो मन में भगवान राम से माफी और मांगी और फिर सोमवार को कोटा जिला कलेक्टर ओमप्रकाश कसेरा के पास पांच हजार रुपये जुर्माना के रूप में अदा करने पहुंच गए। हालांकि जिला कलेक्टर ने इस तरह का जुर्माना लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत प्रशासन इस रकम को कहां से आमद में दिखाएगा यह दुविधा होगी। इसके बाद यह तय हुआ कि दिलावर ये पांच हजार रुपये गरीबों में बांटेंगे। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक के रूप में सार्वजनिक जीवन में आए मदन दिलावर ने राम मंदिर आंदोलन में हिस्सा लिया था। फरवरी,1990 में उन्होंने शपथ ली थी कि जब तक अयोध्या में राममंदिर का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक वे जमीन पर दरी बिछाकर सोएंगे। तब से वे हमेशा गाड़ी में अपने साथ दरी रखते हैं और जहां भी रात्रि विश्राम करना होता है तो वहां दरी पर ही सोते हैं।