Tue. Jul 16th, 2019

देवशयनी एकादशी कल, मांगलिक कार्यों पर लगेगा विराम, कारोबार में होगी मंदी

चार माह तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य, तीन ग्रह भी होंगे अस्त

जयपुर, 11 जुलाई। 12 जुलाई से भगवान विष्णु 120 दिन के लिए क्षीर सागर में शयन करने चले जाएंगे। देवशयन के साथ ही सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। इसके कारण कारोबार पर भी विपरीत असर पड़ेगा। अब चार माह तक मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। देवशयन व बुध के अस्त होने से कारोबार पर विपरित असर पड़ेगा। पं. मधुसूदन शास्त्री निवाणा के अनुसार जुलाई में प्रमुख ग्रह अस्त हो रहे है जो उथल पुथल करेंगे। शुक्र विवाह का कारक माना गया है जो 23 जुलाई से 10 सितम्बर तक अस्त रहेगा। वहीं व्यापार का कारक बुध ग्रह जुलाई से लेकर दिसंबर तक चार बार अस्त होगा। पराक्रम जुड़ा ग्रह मंगल 11 जुलाई से 14 अक्टूबर तक अस्त रहेगा। गुरु और शनि पहले से ही वक्री चल रहे है। सूर्य और चन्द्रमा को जुलाई में ग्रहण लगेगा। कुल मिलकर 7 ग्रह जुलाई 2019 में बुरे प्रभाव से ग्रसित है। शुक्रवार से देव क्षीर सागर में शयन करेंगे जो नवंबर माह में 8 तारीख को देवप्रबोधिनी एकादशी को उठेेंगे।

कर्क राशि के जातक बरते सावधानी
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार जुलाई से दिसम्बर तक तीन ग्रह शुक्र, मंगल, बुध अस्त होंगे। इससे कर्क राशि के जातकों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। सूर्य 17 जुलाई को प्रात: 04 बजकर 32 मिनट से 17 अगस्त तक को दोपहर 1 बजे कर्क राशि में रहेगा। इस राशि में नीच का मंगल पहले से गोचर कर रहा है। इसके साथ ही बुध और शुक्र भी इस राशि से गोचर करेंगे। चन्द्रमा की राशि कर्क से शत्रु ग्रह बुध का गोचर जातकों को मानसिक रूप से प्रभावित करेगा। इस बीच 16 जुलाई की रात्रि में लगने वाला ग्रहण भी कर्क राशि के जातकों को प्रभावित करेगा। शनि और केतु पहले ही कर्क राशि के जातको से छठे भाव में गोचर कर रहे है। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को पराक्रम और रक्त का कारक बताया है। नीच में चल रहे मंगल के अस्त होने से खास तौर पर ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर के रोग से ग्रसित लोग अपना विशेष ध्यान रखे। बुध अस्त है तो व्यापर को प्रभावित करेगा।

ये ग्रह होंगे अस्त
इस साल शुक्र, मंगल, बुध ग्रह अस्त होंगे। इससे अलग अलग राशियों पर अलग अलग प्रभाव पड़ेगा। इनमें बुध ग्रह चार बार अस्त और उदय होगा।
शुक्र : अस्त – 23 जुलाई , दोपहर 02 बजकर 53 मिनट
उदय – 10 सितम्बर, प्रात: 04 बजकर 39 मिनट
मंगल : अस्त – 11 जुलाई , दोपहर 12 बजकर 01 मिनट
उदय – 14 अक्टूबर प्रात: 04 बजकर 19 मिनट
बुध : अस्त – 11 जुलाई, दोपहर 12 बजकर 37 मिनट
उदय– 29 जुलाई, प्रात: 10 बजकर 29 मिनट
अस्त – 25 अगस्त, प्रात: 09 बजकर 29 मिनट
उदय – 22 सितम्बर, सायं 06 बजकर 15 मिनट
अस्त – 4 नवंबर, रात्रि 09 बजकर 08 मिनट
उदय – 16 नवंबर, प्रात: 10 बजकर 24 मिनट
अस्त – 22 दिसंबर, दोपहर 12 बजकर 30 मिनट
उदय – 26 जनवरी 2020, प्रात: 05 बजकर 32 मिनट।