October 23, 2020

दोनों सदनों से विपक्ष गायब

निलंबित सांसदों के समर्थन में पूरा विपक्ष एकजुट

नीलम जीना
नई दिल्ली, 23 सितम्बर। राज्यसभा के निलंबित सांसदों के समर्थन में पूरा विपक्ष एकजुट हो गया है। कांग्रेस की अगुआई में विपक्षी सांसदों ने लोकसभा सत्र का बायकॉट कर दिया है। इस पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि किसानों के मुद्दे पर हमारी पार्टी और सभी विपक्षी दल लोकसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री और जद (एस) नेता एचडी देवेगौड़ा ने कहा कि सरकार और विपक्ष को एक साथ बैठकर तय करना चाहिए कि सदन कैसे चले।

राज्यसभा में भी कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष का सदन से वॉकआउट
इससे पहले राज्यसभा में मंगलवार को कांग्रेस के नेतृत्व में कई विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट किया और आठ विपक्षी सदस्यों का निलंबन रद्द किए जाने तक कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला किया। हालांकि निलंबित आठ सासंदों ने संसद परिसर में दिया जा रहा अपना धरना समाप्त कर दिया । वहीं सरकार ने कहा कि अमर्यादित आचरण को लेकर निलंबित सदस्यों को पहले माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ने सबसे पहले सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया। उसके बाद माकपा,भाकपा, तृणमूल, राकांपा,सपा, शिवसेना, राजद, द्रमुक, आप आदि दलों के सदस्य भी सदन से बाहर चले गए। इससे पहले विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने आठ निलंबित सदस्यों का निलंबन वापस लेने की मांग की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार से तीन मांगें हैं। उन्होंने कहा कि सरकार दूसरा विधेयक लेकर आए और यह सुनिश्चित करे कि निजी कंपनियां किसानों की फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम कीमतों पर नहीं खरीदें। आजाद ने मांग की कि एमएसपी को स्वामीनाथन समिति के फार्मूले के हिसाब से निर्धारित किया जाना चाहिए और निजी कंपनियों के साथ भारतीय खाद्य निगम के लिए भी अनिवार्य हो कि वह एमएसपी से कम कीमत पर किसानों की उपज की खरीद नहीं करे। आजाद ने कहा,मांगें नहीं मानने तक सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करेंगे।