Tue. Jul 16th, 2019

धोनी को सातवें नंबर पर भेजना बहुत बड़ी गलती

मैनचेस्टर, (एजेंसी)। महेंद्र सिंह धोनी न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे। हालांकि कई दिग्गजों ने इस फैसले को गलत करार दिया है। विश्वकप से भारत के बाहर होने के बाद सेमीफाइनल में मिली हार को लेकर तरह-तरह के बयान आ रहे हैं। विशेषज्ञ ही नहीं फैन्स भी सोशल मीडिया पर हार के कारणों की समीक्षा कर रहे हैं। सौरभ गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण सहित पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में महेंद्र सिंह धोनी को बल्लेबाजी क्रम में सातवें नंबर पर भेजने को रणनीतिक चूक करार दिया है। दरअसल, हार्दिक पंड्या और दिनेश कार्तिक को धोनी से पहले भेजा गया, जबकि शीर्ष क्रम बुरी तरह लडख़ड़ा गया था। लक्ष्मण ने कहा कि धोनी को पंड्या से पहले बल्लेबाजी के लिए आना चाहिए था। यह रणनीतिक चूक थी। धोनी को दिनेश कार्तिक से पहले भेजा जाना चाहिए था। विश्व कप 2011 के फाइनल में भी वह खुद युवराज सिंह से ऊपर चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए थे और विश्व कप जीतने में सफल रहे।’ पूर्व कप्तान गांगुली ने कहा कि केवल धोनी की बल्लेबाजी ही नहीं बल्कि दूसरे छोर से युवा बल्लेबाजों पर उनके कूल अंदाज का भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता। ऋ षभ पंत ने अपना विकेट इनाम में दिया, जिससे कप्तान कोहली भी बेहद खफा थे। दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर ने भी स्वीकार किया कि कप्तान कोहली ने धोनी को ऊपरी क्रम में न उतारकर गलती की।

सट्टेबाजों का करोड़ों रुपया डूबा
भारत को आईसीसी विश्व कप-2019 के पहले सेमीफाइनल में बुधवार को न्यूजीलैंड ने 18 रनों से हरा दिया। भारत की इस हार से पूरे देश के सट्टा बाजार को बड़ा नुकसान हुआ है। सूत्रों के अनुसार, इस हार ने सट्टेबाजों को 100 करोड़ रुपए से भी ज्यादा का चूना लगा है। इस मैच से पहले सभी न्यूजीलैंड के ऊपर भारत की जीत की भविष्यवाणी कर रहे थे। भारत जीत का दावेदार भी माना जा रहा था, लेकिन कीवी टीम ने पासा पलट दिया। भारत पर सट्टा बाजार में 4.35 रुपए का भाव था, जबकि न्यूजीलैंड पर 49 रुपए का भाव था। इसका मतलब था कि कीवी टीम हारी हुई थी। मैच में जब भारत का स्कोर 6 विकेट के नुकसान पर 200 रन था और रवींद्र जडेजा तथा महेंद्र सिंह धोनी बल्लेबाजी कर रहे थे, तब भारत पर सट्टेबाज जमकर खेल रहे थे, लेकिन आखिरी दो ओवरों में जिस तरह से न्यूजीलैंड ने वापसी की, उससे सभी हिसाब बिगड़ गया। धोनी का आउट होना सट्टेबाजों के लिए सबसे बुरा साबित हुआ क्योंकि उनका पूरा पैसा डूब गया था। जिन्होंने न्यूजीलैंड पर पैसा लगाया था, उनकी जेब भर गई।