Thu. Dec 12th, 2019

नई पीढ़ी खादी को अपनाएं, बुनकर-कतिनों को दें संबल: मुख्यमंत्री

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण और खादी ग्रामोद्योग भवन का उद्घाटन

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 4 दिसम्बर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश में खादी संस्थाओं और ग्रामोद्योग को बढ़ावा देना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को खादी से जोडऩे तथा खादी कामगारों, बुनकर एवं कतिनों को सम्बल देने के उद्देश्य से महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में हमारी सरकार ने खादी पर 50 प्रतिशत छूट देने जैसा महत्वपूर्ण निर्णय किया।
गहलोत मंगलवार को बापू नगर के अम्बर भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के अनावरण तथा नवीनीकृत खादी ग्रामोद्योग भवन के उद्घाटन समारोह में उपस्थित राजस्थान खादी संघ, खादीबाग से जुड़ी संस्थाओं तथा बुनकर, कतिनों एवं खादी कामगारों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने यहां खादी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधीजी ने खादी, कुटीर उद्योग तथा ग्रामोद्योग के माध्यम से ग्राम स्वराज का सपना देखा था। वे हमेशा कहा करते थे कि खादी वस्त्र ही नहीं विचार भी है। बापू के इस संदेश तथा खादी को समर्पित उनकी विचारधारा जन-जन तक पहुंचे। इस दिशा में हम सभी को प्रयास करने होंगे। राज्य सरकार ने गांधीजी की 150वीं जयन्ती के कार्यक्रमों को एक साल तक और बढ़ाया है ताकि हर वर्ग तक गांधीजी का संदेश पहुंच सके।
गहलोत ने कहा कि ऐसे समय में जबकि असहिष्णुता और हिंसा के माहौल को लेकर हर कोई चिंतित है, देश को बचाना है तो गांधीजी के सिद्धांतों को दिल, दिमाग और विचार से अपनाना होगा। गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में प्रेम, शांति, सद्भाव एवं भाईचारे को बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग से मेरा व्यक्तिगत जुड़ाव रहा है। इस पवित्र प्रांगण में आकर मुझे सुकून मिला है। उन्होंने कहा कि खादी संस्थाओं को ऋण लेने में कोई तकलीफ न आए इसके लिए हमने 10 करोड़ रुपए का रिवाल्विंग फण्ड भी दिया है। उन्होंने कहा कि इससे खादी संस्थाओं को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि रिवाल्विंग फण्ड से खादी संस्थाओं को पैसा मिलने में कुछ तकनीकी बाधाएं आ रही हैं। इन बाधाओं को दूर कर उचित समाधान निकालने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
गहलोत ने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार खादी पर 50 प्रतिशत छूट देने के पीछे राज्य सरकार की मंशा खादी का चलन बढ़ाने की है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे खादी के वस्त्र अपनाकर खादी संस्थाओं को मजबूत बनाने के साथ ही बुनकर एवं कतिनों को सम्बल प्रदान करें।
राजस्थान खादी ग्रामोद्योग संस्था संघ, जयपुर के अध्यक्ष रामदास शर्मा ने कहा कि देश में पहली बार किसी राज्य सरकार ने खादी संस्थाओं को सम्बल देने के लिए खादी उत्पादों की बिक्री पर 50 प्रतिशत छूट देने जैसा अभूतपूर्व निर्णय किया। इसका आशातीत लाभ प्रदेश की सभी खादी संस्थाओं को मिला है। यह गहलोत की गांधीवादी विचारधारा के प्रति समर्पण भाव को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने खादी के लिए अच्छा कार्य करने वाले खादी संस्थाओं से जुड़े लोगोंं का सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहित किया। गहलोत ने 51 साल से कताई के काम से जुड़ी रूक्मणी देवी और 50 साल से बुनाई का काम कर रहे वली मोहम्मद को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। राजस्थान खादी संघ, खादीबाग के मंत्री गणपत सिंह ने संघ की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने राजस्थान की खादी संस्थाओं द्वारा तैयार खादी पर 50 प्रतिशत छूट देने के लिए मुख्यमंत्री को साधुवाद दिया। खादी संघ के सदस्य रामभरोसी गुप्ता तथा चौमूं के पूर्व विधायक भगवान सहाय सैनी ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर उद्योग तथा एमएसएमई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल एवं राजस्थान खादी संघ के अध्यक्ष नानगराम लाम्बा भी मौजूद थे।

इस मौके पर मुख्यमंत्री की मीडिया से बातचीत के प्रमुख अंश

राहुल बजाज बोले तो अब दूसरे उद्यमी भी खुलकर बोलने लगे हैं….

सवाल: आपको लगता है राहुल बजाज ने सरकार को आईना दिखाने का काम किया?
जवाब: राहुल बजाज, स्वर्गीय जमनालाल बजाज के पोते हैं, स्वर्गीय बजाज भी गांधी जी के शिष्य थे, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष थे, स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने सेवाग्राम आश्रम बनाया उनके पोते से यही उम्मीद की जाती थी। गृह मंत्री ने जो कमेंट किया है उससे सरकार की आंखें खुलेगी, सरकार में सोच पैदा होगी कि किस दिशा में देश जा रहा है, अर्थव्यवस्था जा रही है और राहुल बजाज के बोलने के बाद दूसरे उद्यमी खुलकर बोलने लगे हैं वरना सब उद्यमी, बड़े-बड़े उद्यमियों के मुंह पर ताले लगे हुए थे। परसों तक जब डॉक्टर मनमोहन सिंह बोले हैं, जब राहुल बजाज बोले हैं उसके बाद में मैं उम्मीद करता हूं कि बड़े-बड़े उद्योगपतियों में हिम्मत आई है बोलने की, बर्बाद सब हो रहे थे, छोटे-बड़े व्यापारी बर्बाद हो रहे थे, लेकिन बोलने की हिम्मत किसी की नहीं हो रही थी। अब जाकर राहुल बजाज के बोलने के बाद में और डॉ. मनमोहन सिंह ने कच्चा चि_ा प्रस्तुत किया कि देश आज संकट में घिर चुका है, संकटग्रस्त हो चुका है अर्थव्यवस्था के रूप में और यह लोग समझ नहीं पा रहे हैं और स्वीकार नहीं कर रहे हैं, अब मैं उम्मीद करता हूं कि वह स्वीकार भी करेंग।

सवाल: राज्य सरकार नई स्वास्थ्य नीति लेकर आ रही है। क्या फायदा मिलेगा।
जवाब: निरोगी राजस्थान का जो है कंसेप्ट वह हम लोग बना रहे हैं, 17 तारीख को जब 1 साल पूरा होगा सरकार का हम चाहेंगे लांच करें। निरोगी राजस्थान कैसे बने यह हमारा ध्येय है क्योंकि आज भी पूरे मुल्क के अंदर सिर्फ और सिर्फ राजस्थान राज्य ऐसा है जहां पर आयुष्मान भारत के अलावा जो भामाशाह का नाम था वह तो बदल कर गांधी जी का नाम हो गया है, भामाशाह की जो स्कीम थी उसमें बहुत करप्शन हो रखा था तो आयुष्मान भारत महात्मा गांधी स्वास्थ्य बीमा योजना हुआ है, लाभ सबको मिलता रहेगा एक भी व्यक्ति का लाभ कम नहीं होगा बल्कि 10 लाख लोगों को अधिक लाभ मिलेगा, पहले एक करोड़ थे अब एक करोड़ 10 लाख होंगे। राजस्थान के अलावा फ्री टेस्ट देश में कहीं नहीं हो रहे हैं। वह जो स्कीम है आयुष्मान भारत वाली वह इंडोर पेशेंट के लिए है जो भर्ती होता है उसके लिए है। जहां मशीनें नहीं है वहां हम मशीनें लगाने का प्रयास कर रहे हैं, मेडिकल कॉलेज करीब-करीब राजस्थान के हर जिले में हो जाएगी 2-3 जिले बाकी थे कल हमने निर्णय किया वहां पर भी कॉलेज खुले। तो एक प्रकार से राजस्थान मॉडल बनेगा देश के अंदर। देशवासियों के लिए सोशल सिक्योरिटी होना आवश्यक है, बहुत बड़ा भार पड़ता है स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर।

सवाल: प्रियंका गांधी की सुरक्षा में बड़ा खिलवाड़ हुआ है एक गाड़ी उनके घर के अंदर घुस गई।
जवाब: देखिए यह तो जब राजीव गांधी की हत्या हुई थी और जो वर्मा कमीशन बैठा था जो सीजेआई थे वह रिटायरमेंट के बाद में उन्होंने कहा था अगर राजीव गांधी से एसपीजी नहीं हटाई जाती तो उनकी जान बच सकती थी, तो क्या इन लोगों को दिखता नहीं है कि किस प्रकार से इनके परिवार के 2 लोगों ने एक प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए इंदिरा गांधी ने जान दे दी इसलिए उसके बाद में एसपीजी बनी, लेकिन राजीव गांधी की सुरक्षा हटा दी गई। एसपीजी हटाने का कोई तुक तो था नहीं और जो आर्ग्युमेंट देते हैं कई बार उपयोग नहीं किया। वह कोई बड़ी बात नहीं है प्रधानमंत्री खुद नहीं करते हैं, हम लोग नहीं करते हैं, कई बार ऐसी स्थिति आती है कि सिक्योरिटी जो मिली हुई है बुलेट पू्रफ गाड़ी में बैठने का हो या अन्य। अचानक प्रोग्राम बन गया तो कई बार साथ नहीं रहते हैं यह आर्ग्युमेंट नहीं है हटाने का।

सवाल: दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का मकसद
जवाब: सोनिया गांधीजी के नेतृत्व में, उनके आह्वान पर प्रदर्शन जिलों में हुए हैं सब राज्यों में, प्रदेश में हुए हैं और अब 14 तारीख को देश की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में और हजारों, लाखों कार्यकर्ता आएंगे पूरे देश भर से और एक सबक सिखाएंगे, आह्वान करेंगे। देश किस दिशा में जा रहा है, किस प्रकार लोकतंत्र खतरे में है, किस प्रकार अर्थव्यवस्था तहस-नहस हो गई है, किस प्रकार नौकरी मिल नहीं रही है बल्कि जा रही है, व्यापार धंधे ठप पड़े हैं, तमाम बातें वहां कही जाएगी। केन्द्र सरकार को जो अहम और घमंड है वह तोडऩे के लिए वो रैली बहुत बड़ी कारगर साबित होगी।