September 21, 2020

नई शिक्षा नीति में कृषि और कम्प्यूटर को स्थान देना होगा: राज्यपाल

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 8 सितंबर। राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि नई शिक्षा नीति में बहुविषयक शिक्षा में स्टीम के अन्तर्गत विज्ञान, तकनीकी, इंजीनियरिंग एवं गणित का समावेश किया गया है। राज्यपाल ने सुझाव दिया कि इसमें कृषि और कम्प्यूटर को स्थान देकर स्टीम-सी (विज्ञान, तकनीकी, इजीनियरिंग, कृषि, गणित, कम्प्यूटर) के रूप में परिवर्तन करने से उच्च शिक्षा ओर रोजगारपरक बनेगी।
मिश्र ने कहा कि अगर राज्य, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन सफल तरीके से कर पाते हैं तो यह नई शिक्षा प्रणाली भारत को विश्व के अग्रणी देशों के समकक्ष ले आयेगी तथा वर्तमान की चुनौतियों को अवसर में बदल कर भविष्य की आशंकाओं की पूर्ति करने में सक्षम हो सकेगी। राज्यपाल ने कहा कि राजस्थान में सभी स्तरों पर नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की दिशा में योजना बना कर अतिशीघ्रता से केन्द्र द्वारा प्रदत्त दिशा निर्देशों के अनुरूप कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है एवं राजभवन स्तर पर इस दिशा में एक टास्क फोर्स का गठन कर कार्यवाही शुरू कर दी गई है। राज्यपाल मिश्र यहां राजभवन से वीडियों कॉन्फ्रेन्स द्वारा उच्च शिक्षा के बदलाव में नई शिक्षा नीति 2020 की भूमिका पर आयोजित राज्यपाल सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन को भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने भी संबोधित किया।
ड्रॉपआउट कम कर सकती: राज्यपाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति में सहपाठ्यक्रम और पाठ्येतर गतिविधियों के साथ-साथ व्यावसायिक एवं गैर व्यावसायिक विषयों की अनुमति देने वाली लचीली पद्धति ड्रॉपआउट कम कर सकती है। नीति की सबसे बड़ी ताकत इसकी बहु-अनुशासनात्मक और विद्यालय के स्तर पर छात्रों द्वारा अपनी पसन्द के आधार पर विषय चुन पाना है, इससे सिस्टम के भीतर छात्रों के लिए कई प्रवेश बिन्दु और विकास बिन्दु खुल गए हैं, जो इस नीति को स्वागत योग्य बनाते हैं। राज्यपाल ने कहा कि नीति के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार व विश्वविद्यालयों द्वारा केन्द्र सरकार की ओर से समयबद्ध एवं वरीयता के क्रम में स्पष्ट रूप से परिभाषित करने पर नीति को लागू करने मे एकरूपता रहेगी तथा अन्य किसी प्रकार की कोई भ्रम की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।