October 23, 2020

नए डीजीपी की दौड़ में लाठर सबसे आगे

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 24 सितम्बर। राजस्थान पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह यादव की स्वैच्छिक सेवानिवृति(वीआरएस) की पेशकश के बाद अब पुलिस महकमे के नये मुखिया की तलाश तेज हो गई है। राजस्थान पुलिस के मुखिया के लिये संभावित 10 नामों में से 1987 बैच के आईपीएस मोहन लाल लाठर का नाम दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है। लाठर के दौड़ में आगे होने का कारण उनकी वरिष्ठता के साथ-साथ एक बड़ी वजह प्रदेश के बड़े जाट वोट बैंकको खुश करना भी है। प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार इसके जरिये जाट वोट बैंक को साधने की भी कोशिश करेगी।

महानिदेशक के चयन की प्रक्रिया
वर्तमान पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह यादव ने दो सप्ताह पहले ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को वीआरएस अर्जी भेज दी था। वे 31 अक्टूबर तक ही प्रदेश पुलिस का मुखिया रहेंगे। नए पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग के जरिये पूरी होगी। इसके लिये राज्य सरकार को नियमानुसार 30 साल की सेवा वाले ऐसे 10 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की सूची यूपीएससी को भेजनी होगी, जिनकी सर्विस अभी कम से कम छह माह शेष हो। यूपीएससी उन नामों पर चर्चा कर मापदंडों के आधार तीन का चयन करके इस पैनल को वापस राज्य सरकार को भेजेगी। उसके बाद सीएम अशोक गहलोत उन तीन नामों में से एक नाम फाइनल करेंगे।

इन 10 नामों पर टिकी निगाहें

  • 1987 बैच – राजीव दासोत और मोहन लाल लाठर
  • 1988 बैच – भगवान लाल सोनी और उत्कल रंजन साहू
  • 1989 बैच – उमेश मिश्रा, नीना सिंह और राजीव शर्मा
  • 1990 बैच – राजीव शर्मा, श्रीनिवास राव जंगा और रवि प्रकाश मेहरड़ा

यादव के लिए नई भूमिका की तैयारी
राज्य सरकार डीजीपी पद से त्यागपत्र देने वाले भूपेन्द्र सिंह के लिये भी नई भूमिका पर विचार-विमर्श कर रही है। माना जा रहा है कि सीएम अशोक गहलोत के पसंदीदा अधिकारी यादव को दूसरी कोई बड़ी भूमिका दी जा सकती है। उन्हें राजस्थान लोक सेवा आयोग का कमान दिये जाने की चर्चा है। उम्मीद जताई जा रही है कि यादव को आरपीएससी का अध्यक्ष बनाया जाएगा। डीजीपी यादव इससे पहले राजस्थान पुलिस विश्वविद्यालय के कुलपति और पुलिस अकादमी के निदेशक जैसे कई प्रमुख पदों को भी संभाल चुके हैं।