November 26, 2020

नहीं बनी बात, ट्रैक पर जमे हैं प्रदर्शनकारी

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 5 नवम्बर। राजस्थान में गुर्जर आरक्षण आंदोलन की आंच ठंडी नहीं हुई है। गुरूवार सुबह लगातार पांचवें दिन गुर्जर समाज के प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर डेरा डाले हुए हैं। हालांकि अब बातचीत का सिलसिला शुरू हो चुका है लेकिन वह अपने मुकाम तक नहीं पहुंच पाया है। बातचीत का दौर शुरू होने से अब समाधान की उम्मीद जरूर जगी है। बुधवार को सरकार की ओर से बातचीत करने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नीरज के.पवन पहले आंदोलन स्थल भरतपुर जिले के पीलूपूरा गए। वहां से वे गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक डा.किरोड़ी सिंह बैंसला से मुलाकात करने करौली जिले के हिंडौन सिटी पहुंचे। करीब आधे घंट तक पवन ने बैंसला से मंत्रणा की। पवन ने उनको सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उसके बाद पवन हिंडौन एसडीएम कार्यालय में गए। वहां अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर आंदोलन के खात्मे की रणनीति पर विचार मंथन किया। करौली जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग और एसपी मृदुल कछवा भी उनके साथ ही हिण्डौन में डेरा डाले हुए हैं। इससे पहले पवन पीलूपुरा पहुंचे और आंदोलनकारियों से बातचीत की। पवन ने आंदोलनकारियों को बताया कि वे सभी बिंदुओं पर सरकार का पक्ष लेकर आए हैं। वहीं आंदोलनकारियों के साथ पटरी पर पड़ाव डाले बैठे कर्नल बैसला के पुत्र विजय बैंसला बोले कि हमने कागजी समझौता नहीं किया था। बकौल विजय बैंसला हम जानना चाहते हैं सरकार सम्मान कर रही है या फिर तिरस्कार।
सम्मान के लिए जान दे सकते हैं। 1252 भर्तियों के ऑर्डर चाहिए अभी। एलडीसीए नर्सिंग और रीट की नौकरियों का क्या किया,् इसका जवाब चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होंगी तब तक वे यहां नहीं हटेंगे। इधरआंदोलन के चलते पुलिस- प्रशासन की नींद उड़ी हुई है। आंदोलन को खत्म कराने और बातचीत का सेतु बनाने के लिए राज्य सरकार ने नीरज के.पवन को जिम्मेदारी सौंप रखी है। इसके कारण वे मंगलवार से क्षेत्र में डेरा डाले हुए ह। आंदोलन के कारण दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पिछले पांच दिन से बाधित है। पूर्वी राजस्थान में करौली और हिंडौन समेत कई स्थानों से रोडवेज बसों के भी पहिये थमे हुए हैं।

सरकार का फैसला, देवनारायण हॉस्टल के लिए 1.10 अरब मंजूर
इस बीच गुर्जर आरक्षण आंदोलन के बीच गहलोत सरकार ने समाज को बडी राहत दी है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा देवनारायण आवासीय विद्यालयों के चार भवनों के निर्माण के लिए एक अरब 10 करोड 53 लाख 56 हजार रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। गुर्जर समाज की प्रमुख मांगों से एक है देवनारायण योजना का ठीक से क्रियान्वयन हो इसलिए राज्य सरकार ने अहम फैसला लिया।