Sat. May 25th, 2019

नियम तोडऩे के आरोप में ईपीएल विजेता पर लगा एक साल का बैन

नहीं खेल पाएंगे चैंपियंस लीग

नई दिल्ली, (एजेंसी)। इंग्लिश फुटबॉल क्लब और मौजूदा ईपीएल चैंपियन मैनचेस्टर सिटी पर चैंपियंस लीग खेलने पर एक साल का बैन लग सकता है। सिटी पर यूएफा (यूनियन ऑफ यूरोपियन फुटबॉल एसोएिशन) के वित्तीय फेयर प्ले नियम तोडऩे का आरोप है। टीम पर स्पांसरशिप डील को बढ़ाकर दिखाने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यूएफा की जांच कमेटी ने सिटी को एक साल तक बैन करने की सिफारिश की है। जांच कमेटी इस हफ्ते यूएफा को रिपोर्ट सौंप सकती है। मैनचेस्टर सिटी ने मौजूदा सीजन में लगातार दूसरी बार ईपीएल (इंग्लिश प्रीमियर लीग) का खिताब जीता है। जर्मन की मैगजीन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक मैनचेस्टर सिटी ने एक एयरलाइन कंपनी से 545 करोड़ रुपए की स्पांसरशिप डील की थी, लेकिन उसे कंपनी से केवल 73 करोड़ रुपए ही मिले। डील के बचे पैसे एक अन्य कंपनी से आए। इस कारण टीम वित्तीय नियम तोडऩे के मामले में फंस गई। इसके अलावा क्लब पर अन्य वित्तीय आरोप भी लगे हैं। इससे पहले सिटी पर नियम तोडऩे के कारण लगभग 450 करोड़ रुपए का जुर्माना यूएफा की ओर से लगा था।

बेल्जियम के पूर्व पीएम जांच कमेटी के चेयरमैन : बेल्जियम के पूर्व प्रधानमंत्री येवेस लित्रेमे जांच कमेटी के चेयरमैन हैं। जांच कमेटी के सदस्य दो हफ्ते पहले स्विट्जरलैंड में बैठक करके क्लब के विभिन्न पहलूओं पर चर्चा की और इस बारे में किसी नतीजे पर पहुंचे। वे इस हफ्ते अपनी रिपोर्ट दे सकते हैं। सिटी पर बैन इंग्लिश क्लब के लिए झटका माना जा रहा है। टीम ने पिछले आठ साल में चार ईपीएल खिताब जीते हैं। टीम ने अब तक कुल छह बार टूर्नामेंट का खिताब जीता है। सिटी की जगह एक अन्य इंग्लिश क्लब को टूर्नामेंट में उतरने का मौका दिया जा सकता है। चैंपियंस लीग का मौजूदा सीजन 25 जून से शुरू हो रहा है। ऐसे में यदि सिटी पर बैन लगाया जाता है तो उसके पास कोर्ट ऑफ एट्रिब्यूशन के पास अपील करने का मौका रहेगा। ऐसे में निर्णय आने में देरी होने के कारण टीम मौजूदा 2019-20 का सीजन खेल सकेगी। तब उसे 2020-21 सीजन के लिए बैन किया जाएगा।