November 29, 2020

नेताओं को कमान सौंपी

जिला परिषद चुनाव के लिए भाजपा-कांग्रेस ने कमर कसी

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 5 नवम्बर। राजस्थान में जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के अगले सप्ताह होने वाले चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों ने तैयारी प्रारंभ कर दी है। कांग्रेस ने संभावित उम्मीदवारों के बारे में फीड बैक लेने के लिए जिला स्तर पर पर्यवेक्षक नियुक्त किये हैं।
ये पर्यवेक्षक जिलों में जाकर स्थानीय कांग्रेसियों से संभावित उम्मीदवारों के बारे में चर्चा कर पैनल तैयार कर चुके हैं। पर्यवेक्षक 5 नवंबर को अपना पैनल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को सौंपेंगे। कांग्रेस 6 नवंबर तक अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर देगी। कांग्रेस ने जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में टिकट तय करने को लेकर फिलहाल कोई मापदंड तय नहीं किए हैं, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि विधायकों की राय को प्राथमिकता दी जाएगी। डोटासरा का कहना है कि जीतने योग्य व्यक्ति को चुनाव मैदान में उतारा जाएगा।
उधर, भाजपा ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल,गजेंद्र सिंह शेखावत व कैलाश चौधरी के साथ राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया और उप नेता राजेंद्र राठौड़ की कमेटी बनाई है। यह कमेटी उम्मीदवारों के चयन से लेकर चुनाव संचालन तक का काम करेगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि लोगों में अशोक गहलोत सरकार के पौने दो साल के कार्यकाल से काफी नाराजगी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश में जिला परिषदों व पंचायत समितियों पर कांग्रेस से ज्यादा सफलता भाजपा को मिलेगी। वहीं केंद्र में एनडीए में शामिल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष और सांसद हनुमान बेनीवान ने कहा कि प्रदेश में पंचायत चुनाव पार्टी अपने सिंबल पर लड़ेगी। इस चुनाव में भाजपा के साथ कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ चुनाव को लेकर चर्चा की है।

नामांकन भरने का काम शुरू
राजस्थान में नगर निगम चुनावों के बीच बुधवार से पंचायतीराज चुनाव का दंगल भी शुरू हो गया है। राज्य के 21 जिलों में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव 4 चरणों में होंगे। बुधवार को इसकी अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन-पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। प्रत्याशी 9 नवंबर तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं। प्रथम चरण में 23 नवंबर को, द्वितीय चरण में 27 नवंबर को, तृतीय चरण में 1 दिसंबर को और चौथा चरण के लिए 5 दिसंबर को मतदान होगा। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। चुनाव आयुक्त पीएस मेहरा ने बताया कि कानूनी अड़चनों के कारण 12 जिलों में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव कराना फिलहाल संभव नहीं है।

इन जिलों में होंगे चुनाव
प्रदेश के अजमेर, चूरू, नागौर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, पाली, बाड़मेर, हनुमानगढ़, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, जैसलमेर, राजसमंद, बीकानेर, जालोर, सीकर, बूंदी, झालावाड़, टोंक, चित्तौडग़ढ़, झुंझुनूं और उदयपुर जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव चार चरणों में करवाए जाएंगे। इनके लिये 21 जिलों में 33611 मतदान केन्द्र स्थापित किए गये हैं। मतदान प्रात: 7.30 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। जिला परिषद सदस्य के लिए 15,0000 रुपये की खर्च सीमा निर्धारित है जबकि पंचायत समिति सदस्य 75,000 रुपए तक खर्च कर सकते हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव के लिए भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही ग्रामीण मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।