September 23, 2020

नेता नहीं चाहते अभी फीडबैक हो

  • माकन का आज से दौरा कांग्रेस के लिए बना मुसीबत
  • बढ़ते संक्रमण को लेकर चिंता

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 9 सितम्बर। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच आज से प्रदेश प्रभारी अजय माकन की ओर से शुरू किए जा रहे संभाग स्तरीय फीडबैक कांग्रेस के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के स्प्रेडिंग के बाद माकन के स्वागत और व्यवस्थाओं में लगे कांग्रेस नेता असहज महसूस कर रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अजय माकन राजस्थान कांग्रेस के संभाग वार फीडबैक कार्यक्रम की शुरुआत आज अजमेर से करने वाले हैं। माकन दिनभर अजमेर संभाग के विभिन्न जिलों के पार्टी नेताओं कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। अजमेर में माकन संभाग के प्रत्येक जिले के 50-50 नेताओं के साथ ग्रुप डिस्कशन करेंगे। 10 सितंबर को माकन जयपुर में पीसीसी में जयपुर संभाग का फीडबैक लेंगे। फीडबैक के बाद माकन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ बैठक करेंगेे। माकन का दौरा ऐसे समय हो रहा है जब प्रदेश में कोरोना विकराल रूप ले रहा है। ऐसे समय में माकन के इस दौरे को लेकर सवाल खड़े हो रहे है।

दो दिन का कार्यक्रम
9 सितंबर को माकन का अजमेर संभाग और 10 सितम्बर को जयपुर संभाग का फीडबैक कार्यक्रम है। जयपुर संभाग से जयपुर शहर, जयपुर देहात, दौसा, सीकर, झुंझुनूं, अलवर जिले से 300 से ज्यादा नेता प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में जुटेंगे। अकेले जयपुर जिले से 100 नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इन जिलों से आने वाले नेता अपने साथ समर्थकों को भी लेकर आएंगे जो पीसीसी के बाहर डेरा डाले रहेंगे। हाल ही में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल, विधायक रफीक खान, रमेश मीणा करोना पॉजिटिव आ चुके हैं। ऐसे में इस दौरे को लेकर सवाल खड़े होना लाजमी है।
सूत्रों की माने तो प्रदेश कांग्रेस के आला नेता भी नहीं चाहते हैं कि अभी फीडबैक कार्यक्रम कराएं जाए। अगर इस दौरान कोई नेता संक्रमित निकल आए तो संगठन के साथ सरकार की भी किरकिरी होगी और विपक्ष को बैठे-बैठाए मुद्दा मिल जाएगा। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में व्यवस्थाओं का जिम्मा संभालने वाले नेता भी फीडबैक कार्यक्रमों के जरिए जुटने वाली भीड़ के चलते डरे हुए हैं क्योंकि आने वाली भीड़ को संभालने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ेगी। माकन चाहते हैं रिपोर्ट कार्ड जल्द से जल्द पार्टी आलाकमान को दिया जाए ताकि प्रदेश कांग्रेस में समन्वय स्थापित के लिए रास्ता निकाला जा सके, लेकिन कोरोना काल में माकन की ये कोशिश कहीं उन पर भारी ना पड़ जाए।