November 28, 2020

नौकरी दिलाने के नाम पर युवक से 10 लाख की ठगी

खाटूश्यामजी, (निसं.)। बेरोजगार युवक सालों से नौकरी के नाम पर लाखों रंपयों के ठगी के शिकार होते आ रहे है। ऐसा ही मामला खाटूश्यामजी पुलिस थाने में दर्ज हुआ है। युवक रेलवे में नौकरी की चाह में एक फर्जी रेलवे अधिकारी महिला के झांसे में आकर 9 लाख 89 हजार का शिकार हो गया। फिर भी ना नौकरी मिली ना रुपए वापस मिला। वहीं घरवालों को 10 लाख का कर्जदार और बना दिया। पुलिस के अनुसार शीशराम पुत्र भागचन्द काजला निवासी सरपंच वाली ढाणी लामिया ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि सन् 2018 गीतारानी ने रेलवे में अधिकारी बताकर नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। इस दौरान रेलवे अधिकारी ने नौकरी दिलाने के लिए फोन किया। युवक ने महिला को खाटूश्यामजी बुलाकर अपने पिता से मिलाया। महिला ने अपना जाल बुनते हुए 3 अक्टूबर 2018 को 5 लाख रुपए नगद ले गई और फिर यहां से जाने के बाद 10 अक्टूबर 2018 को 49 हजार नौ सौ रुपए गीतारानी के खाते में ट्रांसफर कर दिया। फर्जी रेलवे अधिकारी महिला ने 19 अक्टूबर 2018 को रेलवे नौकरी का नियुक्ति पत्र फोन के व्हाट्सएप कर और रुपयों की मांग कर दी। नियुक्ति पत्र देख शीशराम ने गीतारानी के पीएनबी बैंक के खाते में 4 लाख 40 हजार रुपए और डलवा दिए। इसके उपरांत गीतारानी खाटूश्यामजी आकर नियुक्ति पत्र देकर कोलकाता हावड़ा में ट्रेनिंग के लिए भेज दिया यहां वर्धमान में 6 महिने तक ट्रेनिंग की। इसके बाद 17 मई 2019 को दानापुर डिवीजन पटना बिहार में फर्जी पोस्टिंग लेटर थमा दिया। फिर एक महिने बाद दिल्ली बुलाकर कहा कि तीन चार महीने के बाद पोस्टिंग होगी। यह कहते वापस भेज दिया। अपने गांव लामिया आने के बाद महिला एक महिने तक सम्पर्क में रही। इसके बाद फोन बन्द कर दिया, तब जाकर उनके समझ में आया की ठगी का शिकार हो गए है। इसके बाद पुलिस थाने में फर्जी रेलवे अधिकारी गीतारानी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच प्रारंभ कर दी गई।

इस माध्यम से हुई थी जान पहचान
ठगी के पीडि़त शीशराम जब सीकर में कोचिंग कर रहा था तो अनिल लखावत चूरू के मौसाजी अर्जुन जो कि निवासी सालासर फौज में नौकरी करते हैं। उन्होंने गीता रानी निवासी तोशामा भिवानी ग्राम किरवड हांसी रोड हरियाणा से जान पहचान करवाई। इसके साथ रणबीर खन्ना अपने आप को आईपीएस अधिकारी बताया गया। गीता रानी ने दिन प्रतिदिन संपर्क करती रही और इस दौरान उसने कहा कि में रेलवे के अधिकारी हूं शीशराम तुम्हें रेलवे में नौकरी लगा दूंगी। गीतारानी व कानपुर निवासी मिश्रा खाटूश्यामजी साथ आए थे। यहां से जाने के बाद गीतारानी ने मेडिकल के लिए दिल्ली बुलाया गया। राजीव चौक गेट 2 मैट्रो स्टेशन उत्तरी रेल्वे केन्द्रीय चिकित्सालय में मेडिकल करवाकर नियुक्ति पत्र दे दिया। ट्रेनिंग के दौरान ही 12 मई 2019 को शादी हो गई और 11 अगस्त 2020 शादी भी टूट गई।

ट्रेनिंग के लिए कोलकाता बुलाया
शीशराम ने बताया कि मेडिकल होने के बाद ट्रेनिंग के लिए कोलकाता हावड़ा बुलाया गया और 40 अभ्यार्थियों को ट्रेनिंग के लिए प्रशिक्षण दिया। हमें वर्धमान रेलवे स्टेशन के पास प्रशिक्षण दिया गया। ट्रेनिंग के दौरान 27192 का प्रतिमाह वेतन भी दिया, जो मात्र 3 महीने तक ही मिला। ट्रेनिंग के दौरान टीटीई का पहचान पत्र भी आईडी कार्ड भी बनवाकर दिया और प्रशिक्षण के दौरान वर्धमान रेलवे स्टेशन पर भी ले जाया जाता था विश्वास में लेने के लिए वर्धमान रेलवे स्टेशन पर टिकट चेकिंग का कार्य भी करवाया गया। रेलवे की ट्रेनिंग का प्रशिक्षण अभिषेक मिश्रा द्वारा दी जाती थी। इस दौरान कोलकाता, आगरा, दिल्ली, कानपुर, राजस्थान व अन्य राज्यों से करीब फर्जी रेलवे अधिकारी ने सात सौ अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग दी जा रही थी, उसकी हमें जानकारी थी और मेरे बैच में 40 अभ्यार्थियों को ट्रेनिंग दी जा रही थी।

रेलवे के अधिकारियों ने खाया गच्चा
शीशराम ने बताया कि हमें ट्रेनिंग के दौरान बर्दवान रेलवे जंक्शन पर भी ले जाया गया, जहां हमें टिकट चेकिंग का कार्य भी करवाया गया और रेलवे के अधिकारी भी फर्जी आईकार्ड को देखकर गच्चा खा गए, उन्हें फर्जी रेलवे दस्तावेज का मालूम भी नहीं चला और 6 महीने की ट्रेनिंग भी पूरी हो गई। फर्जी आईकार्ड आज भी रेलवे में बाकायदा कहीं पर भी आने जाने के लिए चल रहा है और उसे अभी आशा है कि नियुक्ति स्थाई होगी। जब गीतारानी से संपर्क नहीं हुआ तो हमें एहसास हुआ कि हम ठगी के शिकार हो चुके हैं। ट्रेनिंग के बाद हमें दीनापुर डिवीजन पटना बिहार का नियुक्ति पत्र भी मिल गया और उसके आधार पर मेरी शादी भी हो गई नियुक्ति पत्र के आधार पर मैं पटना गया तो एक महीने हमें होटल में रखा गया और स्वयं का खर्चा भी हमें ही देना पड़ा। इसके बाद गीता रानी ने वापस हमें दिल्ली बुला लिया गया।