October 26, 2020

पंचायत चुनाव के रंग सोशल मीडिया के संग

गांवों में ट्वीटर, इंस्टा, वाट्सअप की एंट्री

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 28 सितम्बर। राजस्थान के पंचायत चुनाव में हर बार नए नए रंग देखे जा रहे थे लेकिन इस बार कोरोना ने पंचायत चुनाव से सभी रंग छीन लिए। फिर भी पंचायतों में चुनावी रंग फीके नहीं पड़े। ऐसा इसलिए क्योकि सरपंच चुनाव में उम्मीदवार सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रचार में जुटे हैं।
अब हर चुनावों में प्रचार प्रसार के लिए उम्मीदवार और पार्टियां सोशल मीडिया का सहारा लेती है लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के बहाने गांव की सरकार को चुनने के लिए सोशल मीडिया पर प्रचार कर रहे हैं। संक्रमण के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना जरूरी होगा इसलिए सोशल मीडिया के जरिए की गांव की सरकार का चुनाव लडा जा रहा है। ऐसे में क्या अब यही माना जाए कि अबकी बार जिसका जोर सोशल मीडिया पर ज्यादा होगा, गांव की सरकार भी उसी उम्मीदवार पर विश्वास करेगी।

गांवों में पहुंचा सोशल मीडिया
राजस्थान के गांवों में सोशल मीडिया का चलन आम तौर जैसा ही था लेकिन कोराना काल में सोशल मीडिया के अलग अलग प्लेटफार्म पर आकर उम्मीदवार अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं। गांवों में ट्वीटर,इंस्टाग्राम,वाट्सअप और फेसबुक की एंट्री हो रही है। प्रत्याक्षी इन्ही प्लेटफार्म पर अपने प्रचार प्रसार में जुटे है।

आसान, समय की बचत, कम खर्चीला
सोशल मीडिया का प्लेटफार्म गांव के उम्मीदवारों को बड़ा रास आ रहा है। इसमें सबसे खास बात ये है कि बेहत आसानी से वोर्टस तक पहुंचा जा सकता है। इसके साथ साथ कम समय में अधिक अधिक वोटर्स को लुभाया जा सकता है। गांवों तक इंटरनेट पहुंचने से सोशल मीडिया पर प्रचार भी कम खर्चीला है।