September 24, 2020

पत्नी को परीक्षा दिलाने स्कूटी से झारखंड से ग्वालियर पहुंचा पति

ग्वालियर, 5 सितम्बर (एजेंसी)। पत्नी की याद में पहाड़ काटकर रास्ता बना देने वाले बिहार के दशरथ मांझी की कहानी हर हिंदुस्तानी के जेहन में आज भी है जबकि दशरथ की तरह ही झारखंड के धनंजय मांझी ने गर्भवती पत्नी को परीक्षा दिलाने के लिए 1300 किलोमीटर स्कूटी चलाई है। धनंजय बांग्लादेश बॉर्डर से सटे झारखंड के गोड्डा जिले से पत्नी को लेकर स्कूटी से तीन दिन में मध्य प्रदेश के ग्वालियर पहुंचे।

मुश्किलों भरा तीन दिन का सफर : झारखंड से तीन दिन तक इसी स्कूटी पर सवार होकर धनंजय अपनी गर्भवती पत्नी सोनी हेम्बरम को डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) द्वितीय वर्ष की परीक्षा दिलाने के लिए ग्वालियर पहुंचे। धनंजय झारखंड के गोड्डा जिले के गांव गन्टा टोला के रहने वाले हैं और यह बांग्लादेश की सीमा से बमुश्किल 150 किलोमीटर दूर है। धनंजय ने करीब 1300 किमी स्कूटी चलाई और झारखंड,बिहार,उत्तर प्रदेश के विभिन्न पहाड़ी-मैदानी रास्तों को पार करते हुए मप्र के ग्वालियर पहुंचे। धनंजय ने बताया कि दोपहिया से लंबे रास्ते में तेज बारिश होने पर हम एक पेड़ के नीचे दो घंटे तक खड़े रहे। बिहार के भागलपुर से गुजरते समय बाढ़ का सामना करना पड़ा तो कई शहर और गांवों की बदहाल सड़कों से गुजरे। गड्ढों के कारण काफी परेशानी हुई जबकि मुजफ्फरपुर में एक रात लॉज में और लखनऊ में एक रात टोल टैक्स बैरियर पर भी रुके लेकिन पहुंच गए।

8वीं पास धनंजय की तमन्ना पत्नी बने शिक्षक : धनंजय कैंटीन में खाना बनाने का काम करते थे और बीते तीन महीने से बेरोजगार हैं। स्कूटी में पेट्रोल भरवाने के लिए धनंजय ने अपनी पत्नी के जेवर 10 हजार रुपये में गिरवी रखे हैं। धनंजय खुद 10वीं पास भी नहीं हैं लेकिन वे अपनी पत्नी को शिक्षक बनाना चाहते हैं इसीलिए पत्नी फिलहाल डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन द्वितीय वर्ष की परीक्षा दे रही हैं। धनंजय और सोनी की अरेंज मैरिज दिसंबर 2019 में हुई। धनंजय ने कहा कि दशरथ मांझी से उसे प्रेरणा मिली है।

सोनी बोली , पति ने हौसला बढ़ाया : सोनी ने बताया कि 7 महीने का गर्भ है जिसके चलते 1300 किलोमीटर का सफफर बहुत ही मुश्किल से कटा। कई बार पैर सुन्न हो जाते तो कभी कमर,पीठ और पेट दर्द से परेशान होना पड़ा। बीच में बारिश और बाढ़ भी आई लेकिन पति की हिम्मत ने उसे हौसला नहीं खोने दिया। अपने पति धनंजय की तारीफ करते हुए कहती है कि वो टीचर बनना चाहती हैं।