September 26, 2020

पबजी पर रोक से परिजन खुश

युवा हैरान लेकिन सरकार के साथ

नई दिल्ली, 4 सितम्बर (एजेंसी)। भारत सरकार ने बुधवार को 118 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध की घोषणा की, जिसमें बेहद लोकप्रिय गेम पबजी भी शामिल है। यह भारतीय अभिभावकों के लिए एक बेहतर खबर साबित हुई है, क्योंकि वह महीनों से इसी तरह के फैसले का इंतजार कर रहे थे। वहीं बच्चे व युवा इस खबर को सुनकर हैरान होने के साथ ही मायूस भी हैं। इससे पहले भी सरकार ने जून में 58 अन्य चीनी ऐप्स के साथ लघु वीडियो शेयरिंग ऐप टिकटॉक पर प्रतिबंध लगा दिया था, मगर पबजी पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा था। हालांकि समय-समय पर कई प्लेटफार्मों के जरिए पबजी पर प्रतिबंध संबंधी छिटपुट मांगें सामने जरूर आई थीं।

लत हो गई थी
जहां कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित करने वाले बेहद लोकप्रिय वीडियो गेम के बारे में शिकायत की, वहीं कई परिजनों ने कहा कि उनके बच्चे इस खेल के आदी हो चुके हैं। यही नहीं ऐसी भी खबरें सामने आई थी कि बच्चों में इस गेम के प्रति इतना आकर्षण था कि उन्हें इसकी लत गई, जिससे अभिभावकों और शिक्षकों की उनके मानसिक स्वास्थ्य के बारे में चिंता बढ़ गई। जब सरकार ने बुधवार को ताजा प्रतिबंधित ऐप्स की एक नई सूची प्रकाशित की, तो ऐसे अभिभावकों ने राहत की सांस ली, जो बच्चों के गिरते पढ़ाई के स्तर और उनके मानसिक स्वास्थ्य के बारे में चिंतित थे। कुछ प्रशंसकों ने भी इस फैसले को स्वीकार किया है।

फैसला स्वीकार
दिल्ली से बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र अनिकेत कृष्णात्रे ने कहा कि वह चीन के साथ भारत के सीमा तनाव के कारण फैसले को स्वीकार कर रहे हैं। अनिकेत ने कहा, अभी भारत में पबजी के प्रतिबंधित होने के बारे में चौंकाने वाली खबर के बारे में पता चला। हालांकि मेरे माता-पिता इस फैसले से काफी खुश हैं, मगर यह मेरे लिए यह बहुत निराशाजनक था क्योंकि राष्ट्रव्यापी बंद के दौरान यही केवल एक साधन था, जिससे मैं बोरियत से छुटकारा पा सका। सरकार ने कई ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया है लेकिन हमें जल्द से जल्द विकल्पों की आवश्यकता है। कई भारतीय स्टार्टअप ने फैसले का स्वागत किया है। शॉर्ट वीडियो ऐप चिंगारी के सीईओ और सह-संस्थापक सुमित घोष ने कहा, सरकार भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को सपोर्ट कर रही है। यह वास्तव में भारतीय इकोसिस्टम को प्रेरित करेगा और हम अधिक भारतीय कंपनियों को ग्लोबल होते देखेंगे। बिकाई ऐप की सह-संस्थापक सोनाक्षी नैथानी ने कहा कि अब भारतीय व्यावसायिक ऐप को अपनी तकनीक के साथ अन्य स्थानीय व्यवसायों को सशक्त बनाने का पर्याप्त अवसर मिलेगा, जो अर्थव्यवस्था की वृद्धि में मदद करेगा।