September 25, 2020

परीक्षा को लेकर सोनिया की बैठक, ममता बोलीं-सभी राज्य सरकारें चलें सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, 27 अगस्त (एजेंसी)। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नीट.जेईई परीक्षा पर 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बुधवार को बैठक की। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए सोनिया गांधी की ओर से यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करवाई गई। बैठक में कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के अलावा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी आमंत्रित किया गया। बैठक में सोनिया गांधी ने कहा,राष्ट्रीय शिक्षा नीति से संबंधित घोषणाएं वास्तव में हमें चिंतित कर सकती हैं क्योंकि यह हमारे लिए एक झटका है। ममता बनर्जी ने कहा कि छात्रों और परीक्षाओं की अन्य समस्याओं का भी ठीक तरह से निपटारा नहीं जा रहा है मेरा सभी राज्य सरकारों से अनुरोध है कि हमें साथ मिलकर काम करना होगा। आइए हम साथ में सुप्रीम कोर्ट जाते हैं और परीक्षा को तब तक के लिए स्थगित करवा देते हैं जब तक कि स्थिति छात्रों के परीक्षा में बैठने लायक नहीं हो जाती। ममता बनर्जी ने कहा,परीक्षाएं सितंबर में हैं। हम छात्रों के जीवन को जोखिम में क्यों डाल रहे हैं। हमने प्रधानमंत्री मोदी को इस संबंध में खत लिखा है लेकिन अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

राजनीतिक हस्तियों ने भी शुरू किया विरोध
अब छात्रों के अलावा राजनेताओं ने भी इसमें रुचि लेनी शुरू कर दी है और कई राजनीतिक हस्तियों ने परीक्षा को कैंसिल करने या टाले जाने की मांग की है। इन हस्तियों में ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और कांग्रेस पार्टी के साथ साथ बीजेपी से राज्य सभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी भी शामिल हैं। बीजेपी सांसद डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने तो इस फैसले की तुलना नसंबदी से कर दी। उन्होंने कहा कि यह सरकार के लिए काफी घातक साबित हो सकता है। इसके अलावा बिहार में बीजेपी के सहयोगी दल जेडीयू और एलजेपी की भी राय अलग-अलग है। जेडीयू के प्रधान महासचिव का कहना है कि देश में बस, ट्रेन या हवाई जहाज चल रहे हैं और जन-जीवन सामान्य हो रहा है। ऐसे में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए और जेईई-नीट परीक्षा को तय समय पर ही करवाना चाहिए। अब यह मामला सिर्फ देश तक ही सीमित नहीं रह गया है बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणविद् ग्रेटा थोर्नबर्ग ने भी छात्रों के स्वास्थ्य का हवाला देते हए इसे टाले जाने की बात कही है।