September 24, 2020

पर्यटकों के दिलों में बसी है ऊटी की खूबसूरत वादियां

दक्षिण भारत के सबसे प्रसिद्ध हिल स्टेशन के रुप में विख्यात ऊधगमंडलम को मुख्य रुप से ऊटी के नाम से जाना जाता है। ऊटी भारत के सबसे सुरम्य हिल स्टेशनों में से एक है। तमिलनाडु स्थित ऊटी एक ऐसा खूबसूरत पर्यटन स्थल है जो प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहां के मनोरम दृश्यों और खूबसूरती के लिए विख्यात ऊटी को ‘पहाड़ों की रानी’ भी कहा जाता है।
इस हिल स्टेशन में दूर-दूर तक फैली हसीन वादियां, हरे-भरे पेड़ों की हरियाली यहां आने वाले पर्यटकों को सुकून पहुंचाती है। घने हरे पहाड़, चाय के बागान और नीलगिरि के पेड़ यहां की विशेषता है। ऊंचाई पर बसा होने के कारण गर्मियो में भी ऊटी का तापमान 25 डिग्री से ज्यादा नहीं होता। यहां हर वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां भ्रमण करने आते हैं। अगर आप सर्दियों में किसी हिल स्टेशन जाने की योजना बना रहे है तो ऊटी आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है।

ऊटी के प्रमुख पर्यटन स्थल
दक्षिण भारत में नीले पर्वतों में बसा ऊटी शहर किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहां की हरियाली के बीच नीलगिरी के पर्वतों को देखना सुखद अहसास करता है। यहां काफी पर्यटक स्थल हैं जो देखने लायक है और आपी ऊटी की यात्रा को यादगार बना देते है।

नीलगिरी की पहाडिय़ां
ऊटी की नीलगिरि पहाडिय़ां बहुत ही खुबसूरत हैं। नीलगिरी पर्वत की गोद में स्थित ऊटी की खूबसूरती को करीब से निहारने के लिए हर साल भारी तादात में नवविवाहित कपल्स और पर्यटक आते हैं। बारिश के बाद यहां का मनोरम दृश्य बहुत ही सुहाना हो जाता है। इसके अलावा ऊटी शहर से 8 किलोमीटर दूरी पर स्थित डोडाबेट्टा चोटी नीलगिरी पर्वतों का सबसे ऊँचा पर्वत है। यहां चीड़ के पेड़ काफी मात्रा में पाए जाते हैं और इसके आसपास देखने लायक कई मनमोहक चीजें भी हैं।

ऊटी की झील
ऊटी पहुंचे और यहां की झील में नौका विहार नहीं किया तो क्या किया? यह एक बहुत ही खुबसूरत कृत्रिम झील है। जी हां, ऊटी झील में नौका विहार का आनंद ही कुुछ और है। पर्यटक यहां मोटर बोट, पैडल बोट का भी लुप्त उठा सकते हैं, साथ-साथ मछली पकडऩे का शौक भी पूरा कर सकते हैं। कई प्रकार के फूलों से घिरी ये झील सभी का मन मोह लेती है।

टॉय ट्रेन में सवारी
ऊटी आने वाले टूरिस्ट टॉय ट्रेन का सफर जरूर करते हैं। आम ट्रेन के मुकाबले इसका सफर थोड़ा हटकर होता है। कुन्नुर हिल स्टेशन एक बहुत ही खुबसूरत और मनमोहक हिल स्टेशन है। मेटूपालायम से कुन्नुर होते हुए ये ट्रेन ऊटी तक जाती है। यहां का मुख्य आकर्षण बोटेनिकल गार्डन है, जो बहुत ही मनमोहक है। वहीं दूसरी तरफ कोटागिरी हिल सबसे पुराना हिल स्टेशन है। ये प्रकर्ति की खुबसूरती का अतुल्य उदाहरण है। यहां का मौसम कुछ ज्यादा ही सुहाना रहता है । यहां बहुत ही खुबसूरत चाय के बागन और सुंदर हिल्स रिजॉर्ट हैं, जो आप की कोटागिरी पर्वत आप की यात्रा को खुबसूरत बना देता है। बरसात के मौसम में यहां के दृश्य देखते ही बनते है।

मदुमलाई वन्यजीव अभ्यारण
मदुमलाई वन्यजीव अभ्यारण ‘ऊटी हिल स्टेशन’ से करीब 65 किलोमीटर दूर है। अभ्यारण में दुर्लभ वनस्पतियों के साथ साथ वन्य जीवन की दुर्लभ प्रजातियां भी पायी जाती हैं। लुप्त प्राय: जीव-जन्तु भी पाये जाते हैं। हाथी, सांभर, चीतल, हिरन आदि आसानी से देखे जा सकते हैं। अभ्यारण का थेप्पाक्कडु हाथी कैम्प बेहद आकर्षक है। इसके अलावा अगर आप प्रकृति की गोद में सुकून भरे पल अपने साथी के साथ गुजारना चाहते हैं तो वनस्पति उद्यान जरूर जाएं। यहां आपको पेड़-पौधों की 650 से भी ज्यादा प्रजातियां देखने को मिलेंगी।

ऊटी कब जाएं घूमने
अगर आपको को ऊंटी घूमने जाना है तो गर्मियों का मौसम बेहद ही अच्छा है। अप्रैल से जून सबसे अच्छा है। ठंड के मौसम में सितंबर-अक्टूबर का महीना काफी अच्छा है। बारिश के बाद यहां का नजारा बेहद ही सुन्दर नजर आता है। यहां पहुंचने के लिए अगर आप हवाई यात्रा से ऊटी जाना चाहते हैं तो ऊटी से निकटतम हवाई अड्डा कोयंबटूर है।