September 23, 2020

पावणों को प्रदेश में लाने का काम तेज

टूरिज्म इन्वेस्टमेंट को अट्रैक्ट करने का बना खास रोडमैप

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 16 सितम्बर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुरूप प्रदेश की नई पर्यटन नीति आ चुकी है। प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाने, पर्यटन स्थलों का विकास और नए पर्यटन स्थलों की खोज सहित तमाम प्रावधान इस नीति में ह। अब पर्यटन विभाग ने इस नीति के अनुरूप कार्य करना शुरू कर दिया है ताकि देशी-विदेशी पानणे फिर से राजस्थान की धरा पर कदम का सिलसिला तेजी से शुरू करें।
राजस्थान में पर्यटन का अत्यधिक महत्व है। कृषि और टेक्सटाइल उद्योग के बाद सबसे ज्यादा रोजगार पर्यटन से है। राजस्थान की इकोनामिक में पर्यटन का 15 फीसदी कॉन्ट्रिब्यूशन है। राजस्थान टूरिज्म पॉलिसी 2020 राज्य सरकार का एक विजन डॉक्यूमेंट है और इन्वेस्टमेंट को अट्रैक्ट करने का एक रोडमैप है जिससे राजस्थान में डोमेस्टिक और इंटरनेशनल टूरिस्ट दोनों को बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

पहली नीति 2001 में हुई थी जारी
राजस्थान देश का पहला राज्य है, जिसने सबसे पहले वर्ष 2001 में अपनी पर्यटन नीति जारी की थी। इसका उद्देश्य प्लान और फोकस तरीके से टूरिज्म को बढ़ावा करना था। इस पॉलिसी का ही रिजल्ट है कि 2001 में राजस्थान में 8.4 मिलियंस टूरिस्ट आते थे । 2018 में 52 मिलियन टूरिस्ट ने राजस्थान में विजिट किया। वर्ष 2001 में पर्यटन नीति बनी थी उसका मुख्य उद्देश्य होटल को प्रमोट करना था।

अब बदल गया समय
2001 से 2020 तक अब समय बदल गया है। नई-नई टेक्नोलॉजी आ गई है। टूरिज्म का मतलब केवल होटल रूम से नहीं है परंतु अनेक प्रकार के सेक्टर हो गए हैं जैसे डेजर्ट टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, इको टूरिज्म, कल्चर टूरिज्म, क्राफ्ट टूरिज्म, वीकेंड टूरिज्म, वेडिंग डेस्टिनेशन टूरिज्म और वैलनेस टूरिज्म हो गए हैं।

पॉलिसी के हैं खास उद्देश्य
राजस्थान सरकार ने जो नई टूरिज्म पॉलिसी जारी की है, उसके अनेक उद्देश्य हैं। इसके पांच प्रमुख उद्देश्य हैं. पहला उद्देश्य है राजस्थान को देश और विदेश दोनों में लीडिंग टूरिज्म ब्रांड बनाना। एक्जिस्टिंग टूरिज्म यूनिट को और अधिक मजबूती प्रदान करना।