November 24, 2020

पिता को मुखाग्नि देते ही रोने लगा मासूम कार्तिक

जयकारों के साथ पंचतत्व में विलीन हुए सतपाल सामोता

श्रीमाधोपुर, (निसं.)। हिमाचल के कूल्हू बबेली कैंप में तैनात जवान की ह्रदय गति रूक जाने से हुई मौत के बाद गुरुवार को अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव जयरामपुरा में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। जवान के पांच वर्षीय पुत्र कार्तिक ने मुखाग्नि देते ही रोने लगा। मुखाग्नि देने से पूर्व जवान को अंतिम सलामी दी गयी। जवान सतपाल सामोता की पत्नी सुमन देवी जब पति को सलामी देने पहुंची तब पूरा माहौल करुणा के सागर में डूब गया। वहीं, जवान के पिता गजानंद सामोता ने वीर सपूत की शहादत को नमन करते हुए देश पर उसके बलिदान पर गर्व किया। जवान के अंतिम दर्शन करने तथा उसकी शहादत को नमन करने पहुंचे हजारों लोगों की आंखें नम रहीं। जवान के अंतिम संस्कार से पूर्व बटालियन के जवानों ने राउंड फायर कर सलामी दी। दरअसल, सतपाल हिमाचल प्रदेश के बबेली कैंप में तैनात के दौरान 27 अक्टूबर को हार्ड अटैक से मौत हो गई। सैनिक का पार्थिव दे गुरुवार दोपहर श्रीमाधोपुर थाने में लाया गया, वहां से सेना के वाहन में तिरंगे में लिपटे सैनी का पार्थिव देह बाइक रैली के साथ भारत माता के जयकारों के साथ रवाना हुआ।

अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ : अपने लाडले के अंतिम दर्शन में भीड़ उमड़ पड़ी व जगह-जगह पुष्प वर्षा कर सैनिक को नमन किया। जैसे ही पार्थिव देह पैतृक निवास स्थान पहुंची तो माहौल गमगीन था। अंतिम संस्कार से पूर्व तिरंगा शहीद के पिता गजानंद समोता को सह सम्मान के साथ सेना के अधिकारियों ने दिया। सतपाल के पिता ने बताया कि 2 दिन पहले ही घर पर बात हुई थी और उन्होंने बताया था कि दीपावली परिवार के साथ ही मनाऊंगा, लेकिन दीपावली से पूर्व ही संदेशा शहादत का आ गया। आईटीबीपी के साथियों ने पार्थिव शरीर को उठा कर अंतिम सलामी के लिए लाने लगे तो हजारों की भीड़ साथ नारा लगाते चल पड़ी। अंत्येष्टि कार्यक्रम में विधायक महादेव सिंह खण्डेला, श्रीमाधोपुर पूर्व विधायक झाबरसिंह खर्रा, पूर्व चिकित्सा मंत्री बंशीधर बाजिया, कांग्रेस नेता सुभाष मील, थानाधिकारी दातारसिंह राठौड़, सेना के इंस्पेक्टर संतोष कुमार, तहसीलदार सुमन चौधरी, एसडीएम राकेश कुमार, सरपंच बनारसी देवी, ग्राम सेवक अशोक कुमार, सुमेर सिंह, महेंद्र सिंह सहित कई प्रबुद्ध जन एवं नेताओं ने पार्थिव शरीर को पुष्पांजलि दी।