September 27, 2020

पुलिस थाने और चौकी की अदला-बदली होगी?

दिया अजीबोगरीब तर्क

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 10 सितम्बर। पुलिस थाने और पुलिस चौकी में अदला-बदली का मामला कम ही सुना होगा लेकिन प्रदेश के सिरोही जिले में ऐसा करने का प्रयास किया जा रहा है। सिरोही जिला कलेक्टर ने पुलिस थाने को चौकी और पुलिस चौकी को थाने में तब्दील करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भिजवाया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पहले ही सोच समझकर प्लानिंग क्यों नहीं की गई? सिरोही जिला कलेक्टर ने पुलिस थाना बरलूट को पुलिस चौकी और पुलिस चौकी जावाल को थाने में बदलने का प्रस्ताव गृह विभाग को भिजवाया है। थाना और पुलिस चौकी की अदला-बदली के लिए भी अजीब तर्क दिए गए हैं। जिला कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान में कार्यरत थाना बरलूट का प्रशासनिक भवन रियासत काल का बना हुआ है, जो जर्जर अवस्था में होने के कारण नकारा घोषित किया जा रहा है। कलेक्टर की ओर से एक अप्रैल 2011 में 1200 वर्गमीटर भूमि जावाल सिरोह मुख्य सड़क पर आवंटित की गई थी, जिस पर अभी तक कोई निर्माण नहीं किया गया है। साथ ही जानकारी दी गई है कि क्षेत्र में पांच सालों में कानून व्यवस्था की गंभीर स्थिति कभी उत्पन्न नहीं हुई, जिसमें बल प्रयोग किया गया हो।

मुख्य बिंदु

  • प्रदेश के अन्य थानों के मुकाबले मुकदमों की संख्या ज्यादा नहीं है।
  • स्टाफ,संसाधन की भी अदला बदली होगी, जिससे वित्तीय भार नहीं आएगा।
  • नए प्रशासनिक भवन निर्माण पर दो करोड़ 75 लाख खर्च आना संभावित है।
  • प्रस्तावित जावाल थाने में 22 गांव तथा बरलूट पुलिस चौकी में 10 गांव शामिल किए जाएंगे।