Tue. Jun 18th, 2019

पुलिस प्रशासन में हो गुड गवर्नेंस-गहलोत

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 12 जून। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नई सरकार के गठन के बाद पहली बार पुलिस मुख्यालय में डीजी व एडीजी स्तर के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। जिसमें गहलोत ने साफ कर दिया कि प्रदेश में किसी भी तरह माफियाराज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस इनसे सख्ती से निपटें ताकि आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास पैदा हो सके। इसके साथ ही, प्रदेश में बढती नशाखोरी व हुक्का बार पर कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए।
सीएम गहलोत ने कहा कि हुक्काबार के संचालन की स्थिति में संबंधित थानाप्रभारी की जिम्मेदारी तय हो। सीएम गहलोत ने कहा कि जनता को न्याय मिले यह हमारी प्रायोरिटी है, गुड गवर्नेंस पुलिस प्रशासन में भी हो, महिलाएं सुरक्षित महसूस करें, बच्चों के साथ कोई अन्याय नहीं हो, आम जन सुरक्षित महसूस करे और पुलिस फ्रेंडली व्यवहार करे।

आमजन की यह है शिकायत : गहलोत ने कहा कि आमतौर पर पब्लिक की यह शिकायत रहती है कि पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज नहीं होती। ऐसे में वह अब एसपी ऑफिस में भी मुकदमा दर्ज करवा सकता है। अगर किसी फरियादी की रिपोर्ट परिवाद के रुप में होती है तो उसकी जांच होगी। वह एफआईआर में बदलेगी। हम चाहते है कि थाने में कोई व्यक्ति फरियादी बनकर जाए तो उसका सम्मान हो,उसकी सुनवाई हो, उससे अच्छा व्यवहार हो। पुलिस के साथ भी पब्लिक का अच्छा व्यवहार हो। सीएलजी मजबूत हो। बॉडी वॉर्न कैमरा सिपाही के लगाएं जाएं। ताकि सिपाही का व्यवहार भी पता चल सके। सवाल है कि एफआईआर दर्ज होने की संख्या बढ़ेगी, लेकिन उसकी चिंता नहीं करेंगे। हर समस्या सुनीं जाएगी, इसके लिए हर थाने में बनेंगे स्वागत कक्ष, सिविल ड्रेस में हर समस्या नोट करेंगे। इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने समीक्षा बैठक दौरान राजस्थान पुलिस के प्रत्येक कार्मिक को राजकोप मोबाइल एप के माध्यम से दिए जाने वाले डिजिटल रेडियो, पुलिस मेल एवं संदेश वाहक फीचर्स को लॉन्च किया। डीजीपी कपिल गर्ग ने बताया कि सुरक्षित एवं तेज संचार व्यवस्था के इस फीचर के उपयोग से पुलिस का प्रत्येक कार्मिक त्वरित गति से आपस में समन्वय स्थापित कर सकेगा। डिजिटल रेडियो फीचर के माध्यम से पुलिस अधिकारी अपना चैनल क्रिएट कर अपने अधीनस्थ स्टाफ द्वारा उस चैनल को ट्यून करवा सकते हैं। इससे सभी कार्मिक एक चैनल पर त्वरित गति से टेक्स्ट व ऑडियो मैसेज द्वारा संपर्क स्थापित कर सकते हैं तथा इसके माध्यम से उच्चाधिकारियों द्वारा एक साथ समस्त स्टाफ को ब्रॉडकास्ट मैसेज भेजे जा सकते हैं। अवसर पर मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, डीजीपी कपिल गर्ग, डीजी प्रशिक्षण राजीव दासोत सहित पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।