September 23, 2020

पैसे के लिए जूते-चप्पल भी लाइन में?

नानी के लिए नातिन भी कतार में

भंडरा (लोहरदगा), 27 अगस्त (एजेंसी)। फिल्म टिकट ब्लैक होते तो आपने जरूर सुना होगा परंतु क्या बैंक के टोकन की कालाबाजारी आपने सुनी है। अगर नहीं तो आपको लोहरदगा के भंडरा बैंक शाखा के बारे में कुछ ऐसी ही स्थिति से अवगत कराते हैं। वृद्धा पेंशन,विधवा पेंशन,छात्रवृति,घर के खर्च के लिए जरूरत के पैसों की निकासी के लिए लोग भंडरा बैंक आफ इंडिया शाखा के बाहर रात के दो बजे से लाइन में लग जाते हैं। इनमें वृद्ध्, महिला, दिव्यांग और छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल होते हैं। अपनी नानी एतवरिया के पेंशन के लिए नातिन आशा भी लाइन में लगी थी। यही नहीं लाइन में जूते-चप्पल और ईंट-पत्थर भी लगते हैं। कई लोग तो रात से लाइन में इस वजह से लाइन में लगे होते हैं कि बैंक खुलने पर क्रम से बैंक के अंदर जाने के लिए मिलने वाले टोकन को बेच सकें। इसके बदले 20-50 रुपए तक का मूल्य तय है। भंडरा बीओआई शाखा के बाहर शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो रहा।

परेशान हो रहे ग्राहक
सुबह के 3 बजे बैंक शाखा पहुंचने वाली पेंशनधारी भंडरा के अंबेरा गांव निवासी आमना बीबी, लीलावती देवी,गडऱपो गांव निवासी जावा उरांव, जमुना उरांव,जवनी उरांव को नौ घंटे पैसों की निकासी के लिए इंतजार करना पड़ा। छात्रवृत्ति निकालने पहुंची बीमा कुमारी,ज्योति कुमारी को भी भूखे-प्यासे कई घंटे का इंतजार करना पड़ा। नानी के पेंशन के लाइन में खड़ी रहने वाली आशा कुमारी भी परेशान दिखाई दी। भंडरा बैंक आफ इंडिया शाखा में 70 हजार खाता धारक हैं जिसमें से 50 हजार एक्टिव खाता धारक हैं। बैंक में रोजाना 150 लोगों के बीच टोकन का वितरण किया जाता है। जिसमें पैसों की निकासी के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। जो लाइन में लगता है उसे ही टोकन मिलता है। इसी का फायदा टोकन की कालाबाजारी करने वाले लोग उठाते हैं।

क्या कहते हैं शाखा प्रबंधक
बैंक आफ इंडिया भंडरा के शाखा प्रबंधक प्रदीप कुमार का कहना है कि बैंक परिसर में अत्याधिक भीड़ ना लगे इसे लेकर भंडरा थाना पुलिस की मदद से पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके बाद भी रोजाना काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं। जबकि बैंक अपने स्तर से लोगों को शारीरिक दूरी का पालन कराने को लेकर हमेशा प्रयास करती है।