October 25, 2020

प्रदेश के पशुओं को लगेगा टीका विभाग ने किया अभियान शुरू

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 13 अक्टूबर। गौ एवं भैंस वंशीय पशुओं को खुरपका-मुहंपका बीमारी से बचाने के लिए राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रदेशव्यापी खुरपका- मुहंपका रोग टीकाकरण अभियान सोमवार से प्रारम्भ किया गया हैं। पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने बताया कि इस रोग के कारण प्रदेश के पशु पालकों को काफी आर्थिक हानि उठानी पड़ती है। एक अनुमान के अनुसार देश में एफ.एम.डी. से लगभग 20 हजार करोड़ रुपए की आर्थिक हानि होती है ओर दूध का उत्पादन लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है। उन्होंने बताया कि इस रोग से बचाव के लिए सभी पशुपालकों को चाहिए कि वे अपने पशुओं के टैग जरूर लगवाएं तथा दुधारू पशुओं को छह-छह माह के अन्तराल पर वर्ष में दो बार टीका अवश्य लगाएं, ताकि अभियान से आने वाले समय में एफएमडी रोग नियंत्रित कर धीरे-धीरे इस रोग का समूल रूप से उन्मूलन किया जा सके।

12 नम्बर का यूनिक आईडी-बार कोड़ युक्त टैग लगाया जाएगा: पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के शासन सचिव, डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि एफ.एम.डी. टीकाकरण के लिए विगत 5 वर्षों से टीकाकरण कार्यक्रम सम्पादित किया जा रहा है, परन्तु इस वर्ष से प्रारंभ किया जाने वाला टीकाकरण अत्यंत विशिष्ट है, क्योंकि इसके अन्तर्गत टीकाकरण किये जाने वाले प्रत्येक पशु के कान में 12 नम्बर का यूनिक आईडी-बार कोड युक्त टैग लगाया जाएगा तथा पशु-पशुपालक एवं टीकाकरण की समस्त सूचनाओं को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोडऱ् (एनडीडीबी) द्वारा विकसित किए गए सॉफ्टवेयर इनॉफपर इन्द्राज किया जाएगा। पशुओं के ईयर टैग लगाए जाने तथा इनॉफ सॉफ्टवेयर पर इसके स्वास्थ्य, प्रजनन एवं वंशावली के रिकॉर्ड के संधारण के इस डिजिटलाइजेशन के प्रयास से पशुपालकों को अपने पशुओं के लिये एक नवीन ई-मार्केट की व्यवस्था में सम्मिलित होने के अवसर मिल सकेंगे।

149 लाख पशुओं का होगा टीकाकरण: योजना प्रभारी डॉ. भवानी सिंह राठौड़ अतिरिक्त निदेशक (स्वास्थ्य) ने बताया कि एफएमडी वैक्सीनेशन अभियान के प्रथम चरण में 12 अक्टूबर से राज्य के 18 जिलों के समस्त गोवंश एवं भैंसवंश में 149 लाख पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा तथा 4 से 5 माह की उम्र के बछड़े-बछडिय़ों को प्रारिम्भक वैक्सीन के एक माह पश्चात 24 लाख पशुओं का बूस्टर वैक्सीनेशन सहित कुल 173.33 पशुओं का टीकाकरण व टैगिंग का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान की सफलता के लिये विभागीय स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा चुकी है। राज्य के शेष 15 जिलों में एफएमडी रोग प्रतिरोधक टीकाकरण शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा। जिसमें 115 लाख (99 लाख टीकाकरण तथा 16 लाख बुस्टर टीकाकरण) के लक्ष्य निर्धारित किए गए है।

माइक्रो लेवल पर योजना बनाई: डॉ. उम्मेद सिंह, जिला संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग जयपुर ने बताया कि जयपुर जिले में 100 प्रतिशत टीकाकरण व टैगिंग के लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा में प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए माइक्रो लेवल पर योजना बना कर संस्थाओं को लक्ष्य वितरित किए गए है।