December 1, 2020

प्रदेश में कोरोना की रफ्तार धीमी, हर मिनट मिल रहा नया मरीज

  • 21 जिलों में 20 दिन से रिकवरी थमी

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 31 अक्टूबर। राजस्थान में कोरोना की रफ्तार भले ही धीमी हुई है, लेकिन अब भी हर मिनट एक से ज्यादा नए मरीज मिल रहे हैं। शुक्रवार को 24 घंटे के हिसाब से 1440 मिनट में 1794 नए रोगी मिले यानी हर मिनट एक से भी अधिक। वहीं, प्रदेश के 21 जिले ऐसे हैं, जहां पिछले 20 दिनों में कुल 500 से भी कम रोगी ठीक हुए हैं। मतलब ये कि यहां रिकवरी थम-सी गई है। यही कारण है कि 21 जिलों में 2 अक्टूबर से अब तक 200 से कम एक्टिव रोगी होने के बावजूद वहां एक्टिव मरीजों की संख्या वहीं की वहीं अटकी है।
इसी कारण राजस्थान के आधे से अधिक जिले कोरोना फ्री नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि, सबसे ज्यादा संक्रमित 6 जिलों में शामिल जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अलवर, अजमेर और सीकर में रिकवरी रेट बाकी जिलों की तुलना में अच्छी है। इन जिलों से पिछले 20 दिन में औसतन 6 हजार से 9 हजार रोगी ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। यदि जयपुर और जोधपुर की तरह बाकी जिलों में भी रिकवरी बढ़ जाए तो राजस्थान के करीब 25 जिलों में कोरोना लगभग समाप्ति की ओर बढ़ सकता है। शुक्रवार को प्रदेश में 1794 नए रोगी मिलने के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 1,95,213 हो गई। भर्ती रोगी घटकर 15251 हो गए हैं। सर्वाधिक संक्रमित जयपुर में 340, जोधपुर में 223 बीकानेर में 198 अलवर में 135 और सीकर में 95 नए संक्रमित सामने आए। रिकवरी लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले 24 घंटे में 2087 मरीज रिकवर हुए और कुल ठीक होने वालों की संख्या 178064 तक पहुंच गई। प्रदेश में शुक्रवार को 10 लोगों की मौत भी हुई। जयपुर में दो, उदयपुर, राजसमंद, चूरू, बीकानेर, भरतपुर और अजमेर में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। अब तक कुल 1898 लोग कोरोना से दम तोड़ चुके हैं।

वैक्सीन पर अफवाहें रोकें राज्य, टास्क फोर्स बनाएं: केंद्र ने कोरोना वैक्सीन को लेकर सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफॉर्म पर दुष्प्रचार व अफवाह रोकने के लिए अभी से राज्यों को जरूरी तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, वैक्सीन के संबंध में गलत सूचना से इसकी स्वीकार्यता पर असर पड़ सकता है। इसे रोकने के लिए राज्य मजबूत संचार-व्यवस्था बनाएं। साथ ही राज्यों को माइक्रो लेवल पर तैयारी को तीन स्तरीय व्यवस्था बनाने को कहा है। पहली- स्टेट स्टीयरिंग कमेटी बने, जिसकी अध्यक्षता राज्य के मुख्य सचिव करेंगे। दूसरी, राज्य के प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) की अध्यक्षता में राज्य स्तर पर टास्क फोर्स बने।