September 24, 2020

प्रदेश में गांव-ढाणी तक किया जा रहा स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत: मुख्यमंत्री

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, राजस्थान सरकार की तत्परता से मिले सर्वाधिक 15 मेडिकल कॉलेज

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 27 अगस्त। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान ने चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में देश के अन्य राज्यों के सामने अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। नि:शुल्क जांच एवं दवा योजना तथा निरोगी राजस्थान अभियान जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों के बाद कोरोना महामारी से सफलतापूर्वक मुकाबले के लिए प्रदेश में गांव-ढाणी तक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में नव-स्वीकृत मेडिकल कॉलेजों का निर्माण भी निर्धारित समयावधि में पूरा हो। गहलोत मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से 828 करोड़ रुपए की लागत से तैयार भीलवाड़ा एवं भरतपुर मेडिकल कॉलेज भवन तथा बीकानेर, उदयपुर एवं कोटा के मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के विस्तार से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
जालौर, प्रतापगढ़ और राजसमन्द में भी स्वीकृत हों मेडिकल कॉलेज: मुख्यमंत्री ने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राजस्थान में दुर्गम इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में लागत बहुत अधिक आती है। इसे देखते हुए केन्द्र सरकार राज्य को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए। हमने संकल्प लिया है कि प्रदेश के सभी 33 जिलों में सरकारी मेडिकल कॉलेज की सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से आग्रह किया कि वे जालौर तथा प्रतापगढ़ में विषम परिस्थितियों को देखते हुए तथा राजसमन्द में निजी मेडिकल कॉलेज के नियम में शिथिलता प्रदान कर सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने की स्वीकृति दें। गहलोत ने कहा कि कोविड-19 से लड़ाई में राजस्थान देश में अग्रणी है। मृत्युदर, रिकवरी रेट, डबलिंग रेट सहित अन्य मानकों पर राजस्थान की स्थिति देश के बड़े राज्यों एवं राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर है। नॉन-कोविड मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में मोबाइल ओपीडी वैन संचालित की गईं। उन्होंने कहा कि सिलिकोसिस जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों को राहत देने के लिए प्रदेश में नई पॉलिसी लाई गई है। उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया कि वे इस घातक बीमारी के उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कार्ययोजना बनाएं।

75 में से 15 मेडिकल कॉलेज मिले: केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि केन्द्र सरकार ने तीसरे चरण में देश के पिछड़े जिलों में ‘पहले आओ पहले पाओÓ के आधार पर 75 नए मेडिकल कॉलेज खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया था। राजस्थान सरकार ने इस दिशा में तत्परता दिखाते हुए जल्द प्रस्ताव भेजे, जिसके चलते राजस्थान को सबसे ज्यादा 15 मेडिकल कॉलेज मिल सके। इस मौके पर केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी चौबे, चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, चिकित्सा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।
ने कहा कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं का संचालन पूर्व की भांति 75 अनुपात 25 के आधार पर ही किया जाए। वीसी की शुरूआत में चिकित्सा शिक्षा सचिव श्री वैभव गालरिया ने प्रदेश में मेडिकल सुविधाओं के विस्तार की जानकारी दी।