September 19, 2020

प्रदेश में पुरुष-महिला साक्षरता में बड़ा अंतर

23.2 प्रतिशत का है फासला

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 8 सितम्बर। नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (एनएसओ) की शिक्षा पर एक रिपोर्ट आई है। इसके आंकड़े देखकर लगता है कि कम से कम साक्षरता के लिहाज से विकसित राज्यों की स्थिति उतनी अच्छी नहीं है। सच ये है कि आंध्र प्रदेश की साक्षरता दर 66.4 प्रतिशत है जो कि भारत के सभी राज्यों में सबसे कम है। बिहार में 70.9 प्रतिशत आबादी साक्षर है जबकि तेलंगाना में 72.8 प्रतिशत। इन तीनों राज्यों की साक्षरता राष्ट्रीय साक्षरता दर के औसत 77.7 प्रतिशत से कम है। ऊपर के छह राज्यों में से असम और उत्तराखंड के आंकड़े बड़े-बड़े राज्यों को शर्मिंदा कर सकते हैं। कर्नाटक में जहां 72.2 प्रतिशत लोग साक्षर हैं तो असम में उससे कहीं ज्यादा 85.9 प्रतिशत आबादी पढ़ी-लिखी है। उत्तराखंड की साक्षरता दर 87.6 प्रतिशत है जो बड़े राज्यों में केवल केरल, दिल्ली से कम है।

पुरुषों और महिलाओं की साक्षरता में बड़ा गैप
आमतौर पर ऐसा होता है कि जिन राज्यों में साक्षरता दर कम होती है वहां पुरुषों और महिलाओं की साक्षरता में भारी अंतर होता है। हालांकि यह पूरा सच नहीं है। उदाहरण के लिए आंध्र प्रदेश में पुरुषों और महिलाओं की साक्षरता में केवल 13.9 प्रतिशत पॉइंट का अंतर है। इसके मुकाबले राजस्थान 23.2 प्रतिशत,बिहार 19.2 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश 18.4 प्रतिशत में कुल साक्षरता दर अधिक है लेकिन पुरुषों और महिलाओं में अंतर 15 प्रतिशत पॉइंटस से ज्यादा है। शहरी और ग्रामीण इलाकों में साक्षरता के आंकड़े भी कमोबेश वैसे ही है। केरल में इन दोनों इलाकों के बीच महज 1.9 प्रतिशत पॉइंट्स का अंतर है। वहीं तेलंगाना की शहरी आबादी की साक्षरता ग्रामीण इलाकों के मुकाबले 23.4 प्रतिशत पॉइंट्स ज्यादा है। आंध्र प्रदेश में यह अंतर 19.2 प्रतिशत पॉइंट्स का है। लिंग और शहरी-ग्रामीण के आंकड़ों को मिला दें तो बड़ी चिंताजनक तस्वीर उभरती है। शहरी पुरुष साक्षरता और ग्रामीण महिला साक्षरता में 27.2 प्रतिशत पॉइंट्स का भारी अंतर है। राज्यों में यह आंकड़े और बुरे हैं। राजस्थान में यह अंतर 38.5 प्रतिशत पॉइंट्स (91.1 बनाम 52.5 प्रतिशत) का है जबकि तेलंगाना में 38 प्रतिशत पॉइंट्स (91. 7 बनाम 53. 7 प्रतिशत) का। देश में केवल चार राज्य ऐसे हैं जहां शहरों में पुरुषों की साक्षरता 90 प्रतिशत से कम है। 85 प्रतिशत से कम साक्षरता तो किसी राज्य में नहीं है। इसके उलट 80 प्रतिशत से ज्यादा साक्षर महिलाएं केवल केरल हैं। देश में 22 बड़े राज्यों में से 13 में महिलाओं की साक्षरता 70 प्रतिशत से कम है।