October 23, 2020

प्रदेश में वन्यजीवों को गोद देने की प्रक्रिया शुरू

बहुत आसान है प्रक्रिया

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 12 अक्टूबर। राजस्थान में वन्यजीवों को गोद देने की प्रक्रिया राजधानी जयपुर के बायलॉजिकल पार्क से शुरू की गई। वन विभाग ने वन सप्ताह के तहत वन्यजीवों को गोद देने का निर्णय लिया था। वन विभाग ने 25 प्रजातियों के वन्यजीवों को गोद देने की प्रक्रिया शुरू की है। उसके बाद से वन्यजीवों को गोद लेने के लिए कई वन्यजीव प्रेमियों के फोन भी विभाग के पास आ रहे हैं। वन विभाग ने फिलहाल एक रक्षा फाउंडेशन को 5 ऐमु पक्षियों को गोद दिया है। वन विभाग की सभी शर्तो और नियमों के तहत वन्यजीवों को गोद देने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके साथ ही वन विभाग अब राजस्थान के अन्य जिलों में जैसे कोटा, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर सहित अन्य जिलों में वन्यजीवों को गोद देने की शुरूआत करेगा। इसके लिए विभाग प्रक्रियायों की तैयारियों में जुट गया। जयपुर में कोई भी भामाशाह, संस्था, कॉर्पोरेट कंपनी, फैमिली, पर्सनली या वन्यजीव प्रेमी को वन्यजीवों को गोद ले सकता है। इसके लिए वन विभाग की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही वन्यजीवों को गोद दिया जाएगा। इसके लिए वन्यजीव प्रेमी को फार्म भरना होगा और इसके बाद वन्यजीव के देख रेख के खर्च की राशि वन विभाग के अकाउंट में जमा करवाना होगी। विभाग ने वन्य जीवों के एक साल,दो साल और 6 महीने का खर्चा एक साथ जमा करवाना होगा। देश के अन्य जू की तरह ही जयपुर में भी वन्यजीवों को गोद लने की पहल शुरू की गई है। 25 प्रजातियों के वन्यजीवों को गोद देने का वन विभाग ने लक्ष्य रखा है। सबसे पहले जयपुर के रक्षा फाउंडेशन ने 5 ऐमु पक्षियों को गोद लिया है जो कि एक अच्छी पहल है। साथ गोद लेने वाले व्यक्ति और संस्था का नेम प्लेट व पता जू में लगाया जाएगा ताकि जू आने वाले अन्य व्यक्तियों में भी वन्यजीवों के प्रति समर्थन भावना पैदा होगी। साथ ही उन लोगों को कॉम्पलीमेट्री विजिट दी जाएगी। वे लोग गोद लिए वन्यजीव को आकर संभाल सकते है। अभी देश में कुछ जू में गोद देने की पहल जारी है। दिल्ली, मैसूर, पटना सहित अन्य राज्य के जू में लोग वन्यजीव को गोद ले रहे हैं।

किस वन्य जीव पर कितना खर्च
टाइगर और लॉयन को रोजाना खाने में 8-9 किलो नॉनवेज दिया जाता है जिसका सालाना खर्चा करीब ढाई लाख रूपए से ज्यादा है। ये सिर्फ खाने का खर्चा है बीमारी का खर्चा अलग से है। भालू का सालाना खर्चा 80 हजार रूपए आता है लेकिन भालू की डाइट मौसम के अनुसार बदलकर दी जाती है जिसमें आइसक्रीम, फ्रूटस,दूध,सत्तू,हरी सब्जी , ग्लूकोज सहित अन्य सामग्री दी जाती है। ऐसे ही हिरण का सालाना का खर्च करीब 20 हजार रूपए आता है। इन वन्य जीव को ग्रुप में खाना दिया जाता है। पैंथर का सालाना खर्चा सवा लाख रूपए आता है। ऐमु पक्षी का सालाना खर्चा 37 हजार रूपए आता है।