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प्रवासी राजस्थानियों का अर्थ व्यवस्था में अहम योगदान

मुंबई में जयपुर प्रवासी संघ के 14वें वार्षिकोत्सव में मुख्यमंत्री ने कहा

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 13 जनवरी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि दूर रहकर भी प्रवासी राजस्थानियों ने अपनी माटी से जुड़ाव बनाए रखा है। किसी भी तकलीफ में मदद के लिए वे हमेशा तैयार खड़े रहते हैं। देश की अर्थव्यवस्था में प्रवासी राजस्थानियों के योगदान पर न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश को गर्व है। गहलोत रविवार को मुम्बई के गोरेगांव में जयपुर प्रवासी संघ के 14वें वार्षिकोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान के उद्यमियों ने देश के हर क्षेत्र में नाम कमाया है। आजादी से लेकर अब तक बांगड़, बिड़ला, गोयनका, मित्तल, अग्रवाल, सिंघानिया, बजाज सहित कई घरानों ने भारत की आर्थिक उन्नति में अहम योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान आज तेज गति से प्रगति कर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी हर क्षेत्र में बेमिसाल तरक्की की है। उद्योग के क्षेत्र में राजस्थान में बेहतरीन काम हो रहा है। हम ऐसी योजनाएं एवं नीतियां लेकर आए हैं, जिससे उद्यमी आसानी से निवेश कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थापित हो रही रिफाइनरी और पेट्रो-केमिकल कॉम्प्लेक्स के जरिए 40 हजार करोड़ रूपये का निवेश हो रहा है, जिससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने देश के आर्थिक हालातों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में हमारा प्रयास होना चाहिए कि जीडीपी कैसे बढ़े और अर्थव्यवस्था कैसे मजबूत हो। उन्होंने कहा कि इन मुश्किल हालातों में भी राजस्थान में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है। गहलोत ने समारोह में पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया। राजस्थान फाउण्डेशन के आयुक्त धीरज श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का परिचय देते हुए कहा कि उनके पिछले कार्यकाल में राजस्थान में अकाल प्रबन्धन सहित विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन काम हुआ। गहलोत के नेतृत्व में राजस्थान आज सुशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम को पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी, आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन राजीव अरोड़ा, जयपुर प्रवासी संघ के संरक्षक दिलीप राठी, संघ के संस्थापक संरक्षककृष्ण कुमार राठी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महाराष्ट्र में रह रहे प्रवासी राजस्थानी उपस्थित थे।