September 21, 2020

फिर से उठ सकती है विरोध की आवाज

  • कांग्रेस के कई नेता संगठन में बदलाव से खुश नहीं
  • रिपोर्ट में खुलासा

नई दिल्ली, 14 सितम्बर (एजेंसी)। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति का पुनर्गठन किया है। संगठन में कई नए चेहरों की एंट्री हुई है जबकि पार्टी के खिलाफ आवाज उठाने वाले कुछ नेता दरकिनार कर दिए गए प्रतीत होते हैं। ऐसे में एक बार फिर से पार्टी में विरोध की आवाजें उठने लगी हैं। कहा जा रहा है कि कांग्रेस के वो 23 नेता,जिन्होंने सोनिया गांधी को पिछले महीने पार्टी में बड़े बदलाव की मांग करते हुए चि_ी लिखी थी वो फिर से नाराज हैं। पार्टी के खिलाफ इनका अगला कदम क्या होगा इसको लेकर इन नेताओं ने दिल्ली में एक अहम बैठक भी की।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में अंसुष्ट नेताओं ने कहा कि 7 अगस्त को लिखी गई चिट्टी में बदलाव को लेकर जो मांग की गई थी उसे एक बार फिर से नजरअंदाज कर दिया गया है। कहा जा रहा है कि इस बैठक में चि_ी लिखने वाले 23 में से 18 नेता मौजूद थे। इनकी तरफ से ये भी दावा किया जा रहा है कि संगठन में मौजूदा बदलाव से नेता इतने नाराज हैं कि इस बैठक में कई नए चेहरे भी शामिल हुए। बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि नए नेताओं के नाम का ऐलान सही वक्त पर किया जाएगा। बता दें कि संगठन में बदलाव के तुरंत बाद कपिल सिब्बल ने ट्वीट करते हुए नाराजगी जताई थी।
मानसून सत्र के बाद उठ सकता है मुद्दा: कहा जा रहा है कि पार्टी के असंतुष्ट नेता फिलहाल थोड़े दिन के लिए शांत रह सकते हैं। संसद के मॉनसून सत्र के बाद जब सोनिया अपना हेल्थ चेकअक कराकर लौटेंगी तो उनके सामने ये मुद्दा उठाया जा सकता है। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से संगठन में किए गए बड़े बदलाव के जरिए दिग्विजय सिंह,सलमान खुर्शीद और तारिक अनवर समेत कई ऐसे नेताओं की पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में वापसी हुई है जो लंबे समय से 24-अकबर रोड पर सक्रिय भूमिका में नहीं थे।

राहुल के करीबियों को मौका!
आरोप लगाया जा रहा है कि नए कदम में भी राहुल गांधी और सोनिया के करीबी नेताओं को जगह दी गई है। कई वरिष्ठ नेताओं ने संगठन में वापसी की है तो इस फेरबदल में पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की साफ छाप दिखती है। उनके करीबी माने जाने वाले कई नेताओं को महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है।