August 14, 2020

फ्यूल सरचार्ज के नाम पर 28 पैसे प्रति यूनिट बिजली की दरों में बढ़ोतरी : राठौड़

1 करोड़ 52 लाख उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 20 जुलाई। राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि देश में कोरोना महामारी वायरस के कारण से आम नागरिक की डगमगाई हुई अर्थव्यवस्था के मध्य राज्य सरकार ने 1 करोड़ 52 लाख उपभोक्ताओं पर फ्यूल सरचार्ज के नाम पर 28 पैसे प्रति यूनिट बिजली की दरों में बढ़ोतरी कर अतिरिक्त भार डालकर कोढ़ में खाज का काम किया है।
राठौड़ ने कहा कि जनघोषणा पत्र के माध्यम से कांग्रेस सरकार ने विद्युत दरों में बढ़ोतरी नहीं करने के वायदे को दरकिनार कर पूर्व में 6 फरवरी 2020 को विद्युत दरों में औसतन 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर प्रति यूनिट औसतन 70 पैसे की बढ़ोतरी करने का काम किया था। अभी पुन: अक्टूबर से दिसंबर 2019 की तिमाही में फ्यूल सरचार्ज के नाम पर वसूल किए जा रहे 30 पैसे प्रति यूनिट को बढ़ाकर जनवरी से मार्च 2020 तक 58 पैसे यानि 28 पैसे की रिकॉर्ड बढ़ोतरी किये जाने व इस दर को लगातार 2 तिमाही का एक साथ वसूल करने का आदेश देकर सामान्य उपभोक्ता पर 500 से लेकर 2 हजार रुपए प्रतिमाह तक का अतिरिक्त भार डालने का जनविरोधी कार्य किया है। नियामक आयोग विनिमय में फ्यूल सरचार्ज की वसूली 1 तिमाही में ही किए जाने का प्रावधान है जबकि सरकार ने आयोग के नियमों को धता बताकर करोड़ उपभोक्ताओं से 2 तिमाही की राशि एक साथ वसूल करने का नियम विरुद्ध कार्य किया।