November 25, 2020

बंगाल में पुराने तेवर में दिखे गृहमंत्री अमित शाह

200 सीटों के लिए बनाया खास प्लान

नई दिल्ली, 7 नवम्बर (एजेंसी)। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल को लेकर तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की भविष्यवाणी लगभग सच साबित हुई थी। अब गृहमंत्री अमित शाह ने बंगाल के विधानसभा चुनाव में दो सौ से ज्यादा सीटें जीतने की बात कहकर हलचल मचा दी है। बंगाल में दो सौ सीटें जीतने के पीछे गृहमंत्री अमित शाह का आत्मविश्वास इतना है कि उन्होंने गुरुवार को बांकुड़ा में कार्यकर्ताओं से दो टूक कह दिया,जिसे हंसना है वो हंसे। मैं कहकर जा रहा हूं कि भाजपा दो सौ सीटें जीतकर सरकार बनाने जा रही है। काफी समय बाद गृहमंत्री अमित शाह अपने आक्रामक तेवर में दिखे जिसके लिए वह जाने जाते हैं। कोरोना से जंग जीतने के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने पहली बार दौरे के लिए पश्चिम बंगाल को चुना तो इसके पीछे काफी मायने हैं।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने आईएएनएस से कहा,स्वस्थ होने के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने सबसे पहले बंगाल दौरे को तवज्जो देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी है। 2017 में भुवनेश्वर में हुई भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उन्होंने बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष स्पष्ट कहा था कि बंगाल और ओडिशा में जीत पर ही भाजपा का स्वर्णयुग शुरू होगा। ऐसे में शाह वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में अपने इस सपने को हर हाल में पूरा करना चाहते हैं।

शाह ने चला आदिवासी और दलित कार्ड
गृहमंत्री अमित शाह के गुरुवार और शुक्रवार के दो दिवसीय दौरे से उनकी रणनीति स्पष्ट हो जाती है। पहले दिन गुरुवार को उन्होंने आदिवासी बाहुल्य बांकुड़ा जिले के चतुरडिही गांव में एक आदिवासी कार्यकर्ता के घर भोजन किया। राज्य में 55 से 60 लाख आदिवासी कई सीटों पर जीत-हार तय करते हैं। ऐसे में आदिवासी परिवार के घर भोजन के जरिए गृहमंत्री अमित शाह ने इस वर्ग को भाजपा के करीब लाने की कोशिश की है। दूसरे दिन गृहमंत्री अमित शाह ने कोलकाता दौरे के दौरान गौरांगनगर में एक मतुआ परिवार के व्यक्ति नवीन विश्वास के घर भोजन किया। मतुआ संप्रदाय के लोग अनुसूचित वर्ग में आते हैं। आबादी की बात करें तो वर्ष 2011 के जनगणना के अनुसार बंगाल में दलितों की आबादी करीब 1.85 करोड़ है।