November 30, 2020

बात हुई पर बनी नहीं

  • बैकलॉग पर अटकी चर्चा
  • नीरज के. पवन लौटे

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 6 नवम्बर। राजस्थान में चल रहे गुर्जर आरक्षण आंदोलन में अभी तक पूर्ण समाधान की राह नहीं निकल पाई है। इसके कारण दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक लगातार छठे दिन शुक्रवार को भी बाधित है। बताया जा रहा है कि आंदोलनकारियों और सरकार के बीच चल रहे वार्ताओं के दौर में अधिकांश मांगों पर सहमति बन गई है लेकिन बैकलॉग के मसले पर बात अटकी हुई है। आंदोलन के समाधान को लेकर सरकार के प्रशासनिक प्रतिनिधि वरिष्ठ आईएएस नीरज के.पवन ने दो दिन तक यहां डेरा डाले रखा था लेकिन अब वे लौट गए हैं। पवन ने इन दो दिनों के दौरान पटरियों पर पड़ाव डालकर बैठे आंदोलनकारियों और उनकी अगुवाई कर रहे गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला से मुलाकात कर सरकार का पक्ष रखा। वार्ताओं में अधिकांश बातों पर सहमति भी बनती दिखी लेकिन वह समझौते में तब्दील नहीं हो पाई है। वार्ता के दौरान बैकलॉग को लेकर बात अटक गई है। दो दिन की मशक्कत के बाद नीरज के.पवन वापस लौट गये हैं। पवन ने बताया कि अटकी हुई भर्तियों पर विस्तार से चर्चा हुई है। परेशान अभ्यर्थियों को जयपुर बुलाकर राहत दी जाएगी। बैकलॉग का भी सरकार अध्ययन करा रही है।
सरकार ने पहले मंत्री चांदना को भेजा फिर आए पवन
आंदोलन के पहले ही दिन मंत्री अशोक चांदना को कर्नल बैंसला ने बुलावा भेजा था। इस पर चांदना तमाम जरूरी काम छोड़कर गुर्जरों के बीच पहुंचते, इससे पहले ही हिंडौन-बयाना स्टेट हाइवे पर गुर्जर आंदोलनकारियों ने चक्काजाम कर दिया। चांदना ने कर्नल से मिलने की कोशिश की तो उन्होंने दूसरे दिन सुबह आने को कहा और अपने बेटे विजय बैंसला से मिलने की हिदायत दी। चांदना विजय से मिलने निकले तो उनसे भी मुलाकात नहीं हो पाई। इस पर वो लौट गए। मंगलवार को नीरज के. पवन आए। उनकी दो दिन में कर्नल बैंसला से मुलाकात भी हुई। उन्होंने पटरी पर आकर मांगों को पूरी करने का भरोसा भी दिया लेकिन कर्नल ऑर्डर की जिद पर कायम हैं। वहीं विजय बैंसला का अडिय़ल रुख भी वार्ता को नतीजे तक ले जाने में बाधक बना हुआ है।

पटरियों पर तम्बू
आंदोलन को विस्तार देने के लिये प्रदर्शनकारियों ने अब दिल्ली- मुंबई रेलवे ट्रैक पर पीलूपुरा में एक बार फिर तम्बू तान दिया है। आंदोलन के चलते छठे दिन भी यह रेलमार्ग नहीं खुल पाया है। गुर्जर आंदोलनकारियों ने पटरियों पर आज सुबह-सुबह कचौरी और जलेबी का नाश्ता किया। आंदोलनकारी सुबह-शाम का खाना भी पटरियों पर बैठकर ही खा रहें हैं। आंदोलन के कारण गत पांच दिन से करौली,सवाई माधोपुर, भरतपुर,धौलपुर और जयपुर के गुर्जर बाहुल्य इलाकों में इंटरनेट ठप है। इससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इंटरनेट बंद होने से पूर्वी राजस्थान के जिलों में विद्यार्थियों की ऑनलाइन क्लासेज बंद है। इस बीच शु्क्रवार से राजस्थान पुलिस कांस्टेबल की भर्ती परीक्षा है। इस भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थी एडमिट कार्ड निकलवाने के लिये दर दर की ठोकरे खा रहे हैं।